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सिद्धबली महोत्सव के दूसरे दिन भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। लोक गायिका हेमा नेगी करासी के गीतों पर श्रद्धालुओं जमकर झूमे। इससे पहले सुबह पिंडी महाभिषेक हुआ। और एकादश कुंडीय यज्ञ का आयोजन किया गया।
शनिवार को सिद्धबली महोत्सव के दूसरे दिन बतौर मुख्य अतिथि जगदगुरु शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने प्रवचन दिया। वहीं गढ़वाल सांसद एवं पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत मंदिर के महंत व लैंसडाउन के विधायक दिलीप सिंह रावत भी मौजूद रहे।
पिंडी महाभिषेक के साथ तीन दिवसीय सिद्धबली महोत्सव शुरू हुआ था। शुक्रवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने महाभिषेक में शामिल होकर भगवान श्री सिद्धबली से सुख, शांति और समृद्धि की कामना की थी।
ज्योतिषाचार्य पंडित देवी प्रसाद भट्ट के सानिध्य में 12 वेदपाठियों के वैदिक मंत्रोचार के बीच पूजन शुरू हुआ।
कलश स्थापना के बाद बड़ी संख्या में मंदिर समिति के सदस्यों और श्रद्धालुओं ने ढोल, दमाऊ, मशकबीन की धुन पर सिद्धबली के झंडे, त्रिशूल और गदा के साथ मंदिर की परिक्रमा की।
श्रद्धालुओं ने सिद्धों के डांडा स्थित पुराने सिद्धबली मंदिर में जाकर पूजन किया और बाबा के झंडे की स्थापना की। इस बीच पूरे क्षेत्र में सिद्धबली के जयकारे गूंजते रहे।
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श्री सिद्धबली मंदिर परिसर में भजन गायक दयाशंकर फुलारा और साथियों ने सुंदरकांड का पाठ और हनुमान के भजनों की प्रस्तुति दी। दोपहर बाद तक श्रद्धालु सुंदरकांड और हनुमान के भजनों पर झूमते रहे।
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