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स्मैक तस्करी में सिपाही और दो छात्र गिरफ्तार
– फोटो : अमर उजाला
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बरेली के कैंट थाने में तैनात सिपाही रविंद्र सिंह और दो छात्र उत्तराखंड के लालकुआं में एक किलो स्मैक के साथ पकड़े गए। सिपाही और दो छात्रों की गिरफ्तारी भले ही उत्तराखंड में हुई हो, लेकिन इनकी डील शहर से सटे सीबीगंज इलाके में हुई थी। ये इलाका फतेहगंज पश्चिमी के स्मैक तस्करों का गढ़ बन गया है।
अमर उजाला ने पहले ही खबरों में यह जानकारी दी थी कि फतेहगंज पश्चिमी के चर्चित तस्कर नन्हे लंगड़ा, इशाकत आलू वाला व शराफत आदि सीबीगंज व उससे सटे गांवों में अपना धंधा फैला चुके हैं। फतेहगंज में घर व बरातघर तोड़े जाने के बाद तस्करों ने वहां अपनी सक्रियता कम कर दी है। आसपास के गांवों में उनकी रिश्तेदारियां हैं। वहीं रहकर और करीबियों के जरिये वे उत्तराखंड तक स्मैक भेज रहे हैं।
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सूत्रों के मुताबिक एमसीए का छात्र आजाद नगर निवासी अर्जुन काफी समय से स्मैक तस्करी के धंधे में लिप्त था। वह नियमित तौर पर स्मैक तस्करी करता है और उसे सिंडिकेट का मुख्य खिलाड़ी बताया जा रहा है। पुलिस के रडार पर वह पहले से था। वह पहले भी कई बड़ी खेप पहुंचा चुका था। दुनका निवासी बीडीएस के छात्र मोरपाल को भी उसने साथ मिला लिया। छात्र होने के चलते घबराहट दूर करने के लिए उन्होंने सिपाही रविंद्र को दोस्त बनाया और डील करने लगे।
अर्जुन को नैनीताल एसओजी और पुलिस की संयुक्त टीम पहले से खोज रही थीं। टीम ने ग्राहक बनकर अर्जुन से एक किलो स्मैक खरीदने का सौदा किया। उसने डील में रविंद्र को आगे बढ़ाया तो सीबीगंज में बुलाकर छह लाख रुपये में सौदा तय हो गया। बाद में इन्हें उत्तराखंड बुलाकर गिरफ्तार कर लिया गया। एक अन्य तस्कर को भी उत्तराखंड पुलिस ने गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि वह फतेहगंज पश्चिमी की रेशमा नाम की तस्कर से माल लेकर जा रहा था।
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