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मुरादाबाद में सपा ने दिया रुचिवीरा को टिकट
– फोटो : अमर उजाला
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मुरादाबाद की सियासत में बिजनौर की पूर्व विधायक रुचि वीरा की एंट्री होने से उथल-पुथल मच गई है। सपा प्रत्याशी बदलते ही दूसरे राजनीतिक दलों के समीकरण बदल गए। प्रमुख दल भाजपा और बसपा बदले समीकरण के हिसाब से रणनीति बनाने में जुट गई है। वहीं प्रत्याशी बदलने से सपा के सामने अपने परंपरागत वोट बैंक को बचाए रखने की भी चुनौती होगी।
वैसे तो सीधे तौर पर सपा प्रत्याशी के रूप में रुचि वीरा के नामांकन के साथ बुधवार को उनकी मुरादाबाद की राजनीति में एंट्री हुई। लेकिन पर्दे के पीछे की शुरुआत करीब पंद्रह दिन पूर्व हुई थी। बताया जाता है कि आजम खां की करीबी रुचि वीरा को सीतापुर से जेल से मुरादाबाद से चुनाव की तैयारी करने का संदेश मिला था।
इसके बाद पूर्व विधायक रुचि वीरा ने मुरादाबाद के सपा नेताओं से संपर्क साधना शुरू कर दिया था। चुनाव लड़ने पर सलाह मशविरा भी लिया। लेकिन ऐन वक्त पर टिकट सांसद डॉ. एसटी हसन को मिल गया। मंगलवार को एक ओर डॉ. एसटी हसन ने नामांकन किया तो दूसरी ओर उनके टिकट कटने की चर्चाएं भी शुरू हो गईं।
बुधवार को रुचि वीरा के नामांंकन के साथ चर्चाओं पर विराम लग गया। अब रुचि वीरा के चुनाव मैदान में आने से सियासी समीकरण भी बदल गए हैं। इसका असर सपा के साथ-साथ भाजपा और बसपा पर भी पड़ेगा। नफा नुकसान को देखते हुए राजनीतिक दल चुनाव प्रचार की रणनीति तैयार करने में जुट गए हैं।
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