सीताराम विवाह महोत्सव: मटकोर में गूंजे मंगल गीत, आज निकलेगी प्रभु श्रीराम की बरात; विधि-विधान से होगा विवाह

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Sitaram marriage festival started with ritual of Matkor in Varanasi

Sitaram marriage festival
– फोटो : अमर उजाला

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प्रभु श्रीराम के विवाह का उत्सवी रंग दिखने लगा। शनिवार को मंगल गीत गूंजे। अस्सी घाट स्थित रामजानकी मठ में मटकोर की रस्म के साथ तीन दिवसीय सीताराम विवाह महोत्सव भी शुरू हो गया। रविवार को प्रभु की बरात निकलेगी और विधि-विधान से विवाह होगा। वहीं, संकटमोचन मंदिर में नवाह्न परायण व मानस कथा शुरू होगी।

रामजानकी मठ में महंत राजकुमार दास महाराज के सानिध्य में श्री सीताराम विवाह पंचमी महोत्सव के तहत मटकोर हुआ। महिलाएं मांगलिक वेशभूषा में आश्रम से गंगा तट पर मंगल गीत गाती हुई पहुंची। मां सीता व श्रीराम के स्वरूप थे। माहौल मिथिला जैसा प्रतीत हो रहा था। रास्ते में श्रद्धालुओं ने भगवती सीता पर पुष्पवृष्टि कर आरती उतारी। बटुक वेदों का उच्चारण कर रहे थे। घाट पर जानकी विवाह के लिए मां गंगा की विशेष पूजा हुई।

मठ के प्रभारी संत रामलोचन दास ने बताया कि रविवार यानी आज श्रीराम बरात शोभायात्रा दोपहर तीन बजे से निकाली जाएगी। 19 दिसंबर को कलेवा की रस्म निभाई जाएगी। कश्मीरीगंज स्थित रामजानकी मंदिर में भी सीताराम विवाह महोत्सव के तहत आयोजन हुए। निवेदिता शिक्षा सदन बालिका इंटर कॉलेज में भी सीताराम विवाह पंचमी मनाई गई। 

पूजन अर्चन के साथ छात्राओं ने श्रीरामचरित नृत्य नाटिका का भावपूर्ण मंचन किया। इस मौके पर लोक कल्याण न्यास मंत्री रामसुचित पांडेय, आरएसएस के प्रचारक नितिन, सतीश, विपिन, आनंद अग्रवाल आदि मौजूद रहे। संकटमोचन मंदिर में नौ दिवसीय आयोजन शुरू होगा। मंदिर के महंत प्रो. विश्वंभर नाथ मिश्र ने बताया कि प्रतिदिन सुबह आठ से दोपहर 12 बजे तक नवाह्न पाठ होगा तथा शाम को पांच से रात 10 बजे तक मानस कथा होगी।

व्रत रखकर सीताराम के करेंगे दर्शन पूजन

श्रीसीताराम पंचमी पर मठों, मंदिरों और घरों में प्रभु श्रीराम और सीता विवाह के आयोजन होंगे। लोग व्रत रखेंगे। मंदिरों में दर्शन पूजन व कथा का श्रवण करेंगे। घरों में विवाह की झांकी भी सजाई जाएगी। 

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