[ad_1]

चीनी नागरिक
– फोटो : अमर उजाला
विस्तार
लखीमपुर खीरी में भारत-नेपाल सीमा के गौरीफंटा बॉर्डर पर पकड़े गए चीनी नागरिक के मामले में सीमा पर सुरक्षा में बड़ी चूक सामने आई है। जांच में पता चला है कि चीनी नागरिक के पास भारत का वीजा भी नहीं था, लेकिन फिर भी नेपाल सीमा के रास्ते भारत में दाखिल होकर उसने दिल्ली तक की यात्रा कर ली। चार दिन बाद वापस लौटते समय एसएसबी ने उसे गौरीफंटा बॉर्डर पर दबोच लिया। मामले के खुलासे के बाद गौरीफंटा कोतवाली पुलिस समेत सीमा की सुरक्षा में लगी एजेंसियों पर सवाल खड़े हो गए हैं।
शुक्रवार शाम को दिल्ली से आई प्राइवेट बस गौरीफंटा बॉर्डर पर पहुंची। यहां एसएसबी के जांच करने पर चीनी नागरिक वांग जुआजूं पकड़ा गया था। एसएसबी अधिकारियों द्वारा पूछताछ किए जाने पर वह वीजा नहीं दिखा सका। इसके बाद एसएसबी ने उसे गौरीफंटा पुलिस के सुपुर्द कर दिया था। इस बीच भारत नेपाल सीमा पर चीनी नागरिक के पकड़े जाने से सुरक्षा एजेंसियां चौकन्ना हो गईं, जिससे दूसरे दिन शनिवार को चीनी नागरिक से पूछताछ करने के लिए एटीएस व आईबी की टीमें गौरीफंटा कोतवाली पहुंच गई।
बंद कमरे में चीनी नागरिक से पूछताछ
दोनों टीमों ने बंद कमरे में कई घंटे तक चीनी नागरिक से पूछताछ की। पूछताछ में पता चला कि चीनी नागरिक के पास नेपाल तक वीजा था, जिससे वह काफी समय से नेपाल में रह रहा था। इसी दौरान चीनी नागरिक 14 फरवरी 2023 को अवैध तरीके से भारत की सीमा में प्रवेश कर गया। गौरीफंटा बॉर्डर से दिल्ली जाने वाली निजी बस में सवार होकर दिल्ली पहुंच गया। इसके बाद वह करीब तीन दिनों तक दिल्ली में रहा।
[ad_2]
Source link