सीमेंट पर संकट: शिमला में छह घंटे चली बैठक रही बेनतीजा, बीडीटीएस और अदाणी समूह के बीच नहीं हो सका समझौता

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सीमेंट विवाद

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– फोटो : अमर उजाला

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सीमेंट विवाद को लेकर राजधानी शिमला में शुक्रवार को छह घंटे चली बैठक बेनतीजा रही। बीडीटीएस और अदाणी समूह के प्रतिनिधियों के बीच कोई समझौता नहीं हो सका। अब हाईकोर्ट के आदेश पर वर्ष 2004 में गठित कमेटी सीमेंट ढुलाई का किराया तय करेगी। कंपनी प्रबंधन सीमेंट का ट्रक भाड़ा नहीं घटाने पर अड़ा हुआ है। वार्ता विफल रहने पर कंपनी प्रबंधन ने सरकार से 10 दिन का समय मांगा है। वहीं, ट्रक ऑपरेटरों ने मांग रखी कि बिना शर्त पहले प्लांट शुरू किया जाए, उसके बाद वार्ता होगी। प्रधान सचिव आरडी नजीम की अध्यक्षता में शुक्रवार सुबह 11:00 से 5:00 बजे तक शिमला स्थित सिविल सप्लाई निदेशालय के परिसर में बैठक चली।

नजीम ने बताया कि हाईकोर्ट के आदेश पर वर्ष 2004 में गठित कमेटी सीमेंट धुलाई का किराया तय फार्मूले के तहत निर्धारित करेगी। यह प्रस्तावित भाड़ा सीमेंट कंपनी प्रबंधन और ट्रक यूनियन के समक्ष रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि दाड़लाघाट में सीमेंट ढुलाई का काम करने वाली यूनियन के प्रतिनिधि राजी हैं कि हाईकोर्ट के आदेश पर गठित कमेटी जिस फार्मूले पर मालभाड़ा तय करेगी, उस पर वह सहमत रहेंगे। इससे पहले अर्की के एसडीएम की अध्यक्षता में बैठक होगी। इसमें दोनों पक्षों के प्रतिनिधि और अन्य अधिकारी मौजूद रहेंगे।

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सीमेंट विवाद को लेकर राजधानी शिमला में शुक्रवार को छह घंटे चली बैठक बेनतीजा रही। बीडीटीएस और अदाणी समूह के प्रतिनिधियों के बीच कोई समझौता नहीं हो सका। अब हाईकोर्ट के आदेश पर वर्ष 2004 में गठित कमेटी सीमेंट ढुलाई का किराया तय करेगी। कंपनी प्रबंधन सीमेंट का ट्रक भाड़ा नहीं घटाने पर अड़ा हुआ है। वार्ता विफल रहने पर कंपनी प्रबंधन ने सरकार से 10 दिन का समय मांगा है। वहीं, ट्रक ऑपरेटरों ने मांग रखी कि बिना शर्त पहले प्लांट शुरू किया जाए, उसके बाद वार्ता होगी। प्रधान सचिव आरडी नजीम की अध्यक्षता में शुक्रवार सुबह 11:00 से 5:00 बजे तक शिमला स्थित सिविल सप्लाई निदेशालय के परिसर में बैठक चली।

नजीम ने बताया कि हाईकोर्ट के आदेश पर वर्ष 2004 में गठित कमेटी सीमेंट धुलाई का किराया तय फार्मूले के तहत निर्धारित करेगी। यह प्रस्तावित भाड़ा सीमेंट कंपनी प्रबंधन और ट्रक यूनियन के समक्ष रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि दाड़लाघाट में सीमेंट ढुलाई का काम करने वाली यूनियन के प्रतिनिधि राजी हैं कि हाईकोर्ट के आदेश पर गठित कमेटी जिस फार्मूले पर मालभाड़ा तय करेगी, उस पर वह सहमत रहेंगे। इससे पहले अर्की के एसडीएम की अध्यक्षता में बैठक होगी। इसमें दोनों पक्षों के प्रतिनिधि और अन्य अधिकारी मौजूद रहेंगे।



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