स्वास्थ्य: केरल की तर्ज पर राजोरी-पुंछ में प्रशिक्षण हासिल करेंगी नर्सें, BSC कोर्स के लिए 60 सीटें मंजूरी

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– फोटो : फाइल फोटो

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केरल की तर्ज पर अब राजोरी और पुंछ जैसे दुर्गम क्षेत्रों में भी उत्कृष्ट नर्सों को तैयार किया जाएगा। सरकारी मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) राजोरी में शैक्षणिक सत्र 2022-23 से बीएससी (बैचलर आफ साइंस) नर्सिंग पाठ्यक्रम शुरू किया जा रहा है। इसके लिए 60 सीटें मंजूर की गई हैं। यह तीन साल का कोर्स होगा। जम्मू विश्वविद्यालय की ओर से पाठ्यक्रम शुरू करने के लिए अस्थायी मान्यता दी गई है। इस पाठ्यक्रम के शुरू होने से बेहतर नर्सिंग पढ़ाई के लिए राजोरी और पुंछ जिले की छात्राओं को अब जम्मू नहीं आना पड़ेगा। इससे वे अपने गृह स्थल पर पढ़ाई करने के साथ आर्थिक रूप से मजबूत होंगी। 

जीएमसी राजोरी में बीएससी नर्सिंग पाठ्यक्रम शुरू करने के लिए जम्मू विश्वविद्यालय की ओर से अस्थायी मान्यता दी गई है। इसी तरह पाठ्यक्रम के लिए स्टेट नर्सिंग काउंसिल की ओर से भी मंजूरी दी गई है। प्रदेश में नर्सिंग क्षेत्र को बेहतर बनाने के लिए विभिन्न जिलों में बीएससी के विभिन्न पाठ्यक्रम करवाए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री योजना के तहत जम्मू कश्मीर में बीएससी नर्सिंग कॉलेजों को मंजूरी दी गई है। जीएमसी राजोरी में बीएससी पाठ्यक्रम शुरू करवाने के लिए ढाई साल से कवायद चल रही थी, लेकिन औपचारिकताएं पूरी न होने के कारण देरी हुई है।

हाल ही में जम्मू विश्वविद्यालय की टीम ने जीएमसी राजोरी में बीएससी पाठ्यक्रम शुरू करने के लिए मानकों का निरीक्षण किया था। विश्वविद्यालय की कालेज डेवलपमेंट काउंसिल ने जीएमसी राजोरी में आईएनसी मानकों के तहत नर्सिंग कालेज के लिए भवन तैयार करने को कहा है। कक्षाएं शुरू करने के लिए पर्याप्त स्टाफ नियुक्त किया जाएगा। 

जीएमसी राजोरी के प्रिंसिपल डॉ. अमरजीत सिंह भाटिया ने बताया कि बीएससी नर्सिंग पाठ्यक्रम शुरू होने से राजोरी और पुंछ की छात्राओं को सीधा लाभ मिलेगा। उन्हें बीओपीपी के माध्यम से जिला चुनने के लिए गृह क्षेत्र का विकल्प मिलेगा। इससे पहले प्रदेश में फीमेल मल्टीपर्पज हेल्थ वर्कर (एफएमपीएचडब्ल्यू) और जीएनएम (जनरल नर्सिंग एंड मिडवाइफरी) का पाठ्यक्रम करवाया जा रहा था, लेकिन केरल में काफी पहले से बीएससी के विभिन्न पाठ्यक्रम करवाए जा रहे हैं।

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केरल की तर्ज पर अब राजोरी और पुंछ जैसे दुर्गम क्षेत्रों में भी उत्कृष्ट नर्सों को तैयार किया जाएगा। सरकारी मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) राजोरी में शैक्षणिक सत्र 2022-23 से बीएससी (बैचलर आफ साइंस) नर्सिंग पाठ्यक्रम शुरू किया जा रहा है। इसके लिए 60 सीटें मंजूर की गई हैं। यह तीन साल का कोर्स होगा। जम्मू विश्वविद्यालय की ओर से पाठ्यक्रम शुरू करने के लिए अस्थायी मान्यता दी गई है। इस पाठ्यक्रम के शुरू होने से बेहतर नर्सिंग पढ़ाई के लिए राजोरी और पुंछ जिले की छात्राओं को अब जम्मू नहीं आना पड़ेगा। इससे वे अपने गृह स्थल पर पढ़ाई करने के साथ आर्थिक रूप से मजबूत होंगी। 

जीएमसी राजोरी में बीएससी नर्सिंग पाठ्यक्रम शुरू करने के लिए जम्मू विश्वविद्यालय की ओर से अस्थायी मान्यता दी गई है। इसी तरह पाठ्यक्रम के लिए स्टेट नर्सिंग काउंसिल की ओर से भी मंजूरी दी गई है। प्रदेश में नर्सिंग क्षेत्र को बेहतर बनाने के लिए विभिन्न जिलों में बीएससी के विभिन्न पाठ्यक्रम करवाए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री योजना के तहत जम्मू कश्मीर में बीएससी नर्सिंग कॉलेजों को मंजूरी दी गई है। जीएमसी राजोरी में बीएससी पाठ्यक्रम शुरू करवाने के लिए ढाई साल से कवायद चल रही थी, लेकिन औपचारिकताएं पूरी न होने के कारण देरी हुई है।

हाल ही में जम्मू विश्वविद्यालय की टीम ने जीएमसी राजोरी में बीएससी पाठ्यक्रम शुरू करने के लिए मानकों का निरीक्षण किया था। विश्वविद्यालय की कालेज डेवलपमेंट काउंसिल ने जीएमसी राजोरी में आईएनसी मानकों के तहत नर्सिंग कालेज के लिए भवन तैयार करने को कहा है। कक्षाएं शुरू करने के लिए पर्याप्त स्टाफ नियुक्त किया जाएगा। 

जीएमसी राजोरी के प्रिंसिपल डॉ. अमरजीत सिंह भाटिया ने बताया कि बीएससी नर्सिंग पाठ्यक्रम शुरू होने से राजोरी और पुंछ की छात्राओं को सीधा लाभ मिलेगा। उन्हें बीओपीपी के माध्यम से जिला चुनने के लिए गृह क्षेत्र का विकल्प मिलेगा। इससे पहले प्रदेश में फीमेल मल्टीपर्पज हेल्थ वर्कर (एफएमपीएचडब्ल्यू) और जीएनएम (जनरल नर्सिंग एंड मिडवाइफरी) का पाठ्यक्रम करवाया जा रहा था, लेकिन केरल में काफी पहले से बीएससी के विभिन्न पाठ्यक्रम करवाए जा रहे हैं।



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