हनुमान जयंती पर बिहार में बन रहा है शुभ संयोग, इस मंत्र के जाप से व्यापार और नौकरी में मिलेगा लाभ

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Hanuman Jayanti: हनुमान जयंती को बड़े ही धूम -धाम से मनाया जाता है. बिहार के कई हनुमान मंदिर में विशेष पूजन किया जायेगा. हिन्दू पंचांग के अनुसार चैत्र मास की पूर्णिमा तिथि को यह त्योहार मनाया जाता है. पंचांग के अनुसार हर साल पूर्णिमा तिथि को हनुमान जयंती मनाया जाता है. इस दिन भक्तगन भगवान हनुमान का व्रत रखते है. साथ ही हनुमान जी का पूजन करते है. मान्यता यह है की इस दिन पूजा करने से हनुमान जी अपने भक्तों के सभी कष्ट को दूर करते है. कहा जाता है कलयुग का प्रत्यक्ष देवता भगवान सूर्य के बाद इनका ही नाम आता है.

प्रसाद के रूप में चढ़ाया जाता है लड्डू

इस युग में भगवान हनुमान की अलग-अलग नाम से पूजा होती है. इनकी पूजा संकट मोचन, बजरंगबली, मारुती ,अंजनी पुत्र तथा हनुमान जी के नाम की जाती है. इन्हें भगवान शिव का अवतार यानि रुद्रावतार माना जाता है .इनका जन्म चैत्र मास के पूर्णिमा तिथि दिन मंगलवार को हुआ था इसलिए मंगलवार को इनका विशेष पूजन किया जाता है. हनुमान जी का जन्म सूर्योदय के समय हुआ था, इसलिए इस दिन मंदिर में प्रातः काल ब्रह्मुहुर्त से ही प्रवचन तथा पूजन का आयोजन किया जाता है. इस दिन हनुमान जी के साथ राम-लक्ष्मण साथ में माता सीता का पूजन किया जाता है. प्रसाद के रूप में बेसन से बना हुआ लड्डू या बूंदी का लड्डू चढ़ाया जाता है. क्योंकि यह हनुमान जी का बहुत ही प्रिय है. साथ ही लाल रंग का सिंदूर भी इनका प्रिय है .

कब करें हनुमान का पूजन

06 अप्रैल 2023 दिन गुरुवार पूर्णिमा तिथि का प्रारंभ हो रहा है. 05 अप्रैल दिन बुधवार 2023 बुधवार सुबह 09:19 मिनट से, 06 अप्रैल 2023 दिन गुरुवार सुबह 10:04 मिनट पूर्णिमा तिथि मिल रहा है. उदया तिथि मानकर हनुमान जयंती 06 अप्रैल को ही मनाया जायेगा .

उन्नति नहीं हो रही है तो करें यह उपाय

हनुमान जयंती के दिन संकट मोचन के समक्ष तेल का दीपक लगाएं और ‘ऊं नमो हनुमते रूद्रावताराय सर्वशत्रुसंहारणाय सर्वरोग हराय सर्ववशीकरणाय रामदूताय स्वाहा’ मंत्र का 108 बार रुद्राक्ष की माला से जाप करें. हनुमान जी का पूजन से मनोकामना पूर्ण होती है इस दिन इस मंत्र का जाप करें-

मनोजवं मारुततुल्यवेगं जितेन्द्रियं बुद्धिमतां वरिष्ठं।

वातात्मजं वानरयूथमुख्यं श्रीरामदूतं शरणं प्रपद्ये॥

पूजन करने से शत्रुता खत्म होगी

इस दिन पूजन करने से पूर्णिमा के साथ हनुमान जयंती साथ में दिन गुरुवार जो भगवान विष्णु का दिन बन रहा है, इस दिन हनुमान जी के साथ शंकर भगवान का पूजन करने से पारिवारिक कष्ट दूर होगा साथ में शत्रुता खत्म होगी.

ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्रा

ज्योतिष वास्तु एवं रत्न विशेषज्ञ

8080426594/9545290847

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