हल्द्वानी हिंसा: उपद्रवियों ने मचाया तांडव…घरों में कैद हुई 70 हजार की आबादी, सब्जी-दूध को भी तरस गए लोग

[ad_1]

बृहस्पतिवार की घटना ने बनभूलपुरा पर एक बड़ा कलंक लगा दिया। उपद्रवियों ने शायद इसका अंदाजा भी नहीं लगाया होगा कि उनकी यह हिमाकत कितनी भारी पड़ जाएगी। तांडव मचा रहे युवाओं को बुजुर्ग रोकते रहे, लेकिन उन्होंने किसी की नहीं सुनीं। उपद्रव के दौरान कई लोगों की मौत हो गई। सैकड़ों पुलिसकर्मी व आमजन घायल हो गए और अब बनभूलपुरा की 70 हजार की जनता घरों में कैद होने के लिए मजबूर हो गई है।

कर्फ्यू के दौरान बनभूलपुरा क्षेत्र के लोग दूध, सब्जी और अन्य सामान के लिए भी तरस गए। क्षेत्र के मेडिकल स्टोर बंद होने से उन्हें दवा भी नहीं मिल सकी। रास्तों पर पुलिस का पहरा होने की वजह से लोग अस्पताल भी नहीं जा सके। 

हल्द्वानी हिंसा: 18 नामजद समेत पांच हजार के खिलाफ मुकदमा दर्ज, पांच शव बरामद, छह करोड़ से ज्यादा का हुआ नुकसान

बृहस्पतिवार की दोपहर सब कुछ सामान्य था। शाम करीब साढ़े तीन बजे टीम के बनभूलपुरा थाने के सामने इकट्ठा होते ही क्षेत्रवासियों में सुगबुगाहट होने लगी। कुछ ही देर में इसकी सूचना पूरे क्षेत्र में फैल गई। जब टीम मलिक के बगीचे में पहुंची।




कुछ जिम्मेदार मध्यस्थता की भूमिका में दिखे, लेकिन अवैध धार्मिक स्थल पर जेसीबी का पंजा पड़ते ही चारों ओर से पत्थरों की बारिश शुरू हो गई और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। शुरुआत में पुलिसकर्मियों ने लाठियां भांजकर माहौल पर काबू पाने की कोशिश की, लेकिन भीड़ बढ़ती गई और इसी के साथ बढ़ती गई पत्थरों की बारिश।


किसी तरह जान बचाकर पुलिसकर्मी निकले। उनके पीछे उपद्रवी बनभूलपुरा थाने तक पहुंच गए। पथराव के बाद यहां भी आगजनी कर दी। आग की लपटों और गोलियों की आवाज से पूरे शहर की जनता दहशत में थी।


शुक्रवार सुबह पुलिस वाहनों के सायरन की गूंज से बनभूलपुरा के लोग नींद से जागे। पुलिस वाहनों से देखते ही गोली मारने की आदेश की जानकारी दी जाने लगी। घरों से झांक रहे लोगों को भी पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों ने अंदर रहने को मजबूर कर दिया।


इस बीच, इंटरनेट तो बंद था, लेकिन अफवाहों का बाजार गर्म था। लोग अपने परिचितों को फोन कर हालात के बारे में जानकारी लेते रहे। मस्जिदों पर भी पुलिस का पहरा बैठा दिया गया। लोगों ने घरों में ही नमाज अदा की।


[ad_2]

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *