हवस के पंजों में दिमाग: खेल-कूद और पढ़ने की उम्र में बन रहे अस्मत के लुटेरे, बेटियों को भुगतना पड़ रहा अंजाम

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Teenagers and youth becoming molester In the age of sports and studies, report reveals the truth

यूपी क्राइम न्यूज
– फोटो : अमर उजाला

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नए जमाने के खुलेपन ने समाज को घोर चिंताजनक स्थिति में लाकर खड़ा कर दिया है। संगीन अपराधों में भी किशाेरों की संलिप्तता बढ़ने के अलावा हवस का खौफनाक साया भी उनके दिलो दिमाग पर छा रहा है। इसका शिकार जब मासूम बालिकाएं भी होने लगें, तो खतरे का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है।

किशोर और किशोरियों के साथ जिस तरह से हाल ही में दुष्कर्म के बाद हत्या, कुकर्म की वारदातें हुई हैं, उससे बेटियों की सुरक्षा को लेकर परिजनों का चिंतित होना लाजिमी है। पुलिस तो अपना काम कर रही है, लेकिन अभिभावकों, समाज के लोगों ने यदि अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाई तो इसके भयंकर परिणाम आने वाले दिनों में भुगतने पड़ सकते हैं। हाल ही में किशोरी, छात्रा और कक्षा 6वीं के छात्र के साथ हुए मामलों की बानगी।

केस- 1

क्षेत्र के एक गांव में 15 साल की किशोरी का अपहरण करने के बाद दुष्कर्म किया गया, जहरीला पदार्थ खाने के बाद किशोरी की मौत हो गई। इस मामले में पुलिस ने एक 19 वर्षीय आरोपी आकाश और एक नाबालिग को पकड़ा। पुलिस की पूछताछ में एक आरोपी ने वारदात को अंजाम देने की बात भी स्वीकार की थी।

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