हाईकोर्ट का अहम फैसला : तलाक नहीं तो कर्मचारी की पहली पत्नी को ही पेंशन का अधिकार, दूसरी पत्नी का दावा खारिज

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High Court If there is no divorce then only the first wife of the employee

इलाहाबाद हाईकोर्ट
– फोटो : अमर उजाला।

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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि गुजारा भत्ते पर समझौता होने से यह नहीं कह सकते कि पत्नी ने पति की मौत के बाद सेवानिवृत्ति परिलाभों का दावा छोड़ दिया है। कोर्ट ने कहा पति से अलग रहने के बावजूद सेवा पंजिका में वह नामित है और दोनों के बीच तलाक न होने के कारण वह पत्नी है। कानूनन मृतक कर्मचारी के सेवा परिलाभ वारिस को पाने का हक है।

यह आदेश न्यायमूर्ति सौरभ श्याम शमशेरी ने रजनी रानी की याचिका पर दिया है। कोर्ट ने कहा कि पत्नी ही पति की मौत के बाद पारिवारिक पेंशन आदि पाने की हकदार है। कोर्ट ने पत्नी की तरह साथ रहने वाली याची को राहत देने से इन्कार करते हुए याचिका खारिज कर दी।

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