हाईकोर्ट की तल्ख टिप्पणी: ‘सेवानिवृत्ति परिलाभों का भुगतान रोकना अवैध और मनमाना ही नहीं, अपितु पाप है’

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High Court: Stopping the payment of retirement benefits is not only illegal and arbitrary, but also a sin

इलाहाबाद हाईकोर्ट
– फोटो : अमर उजाला

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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सेवारत कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा है कि सेवानिवृत्त किसी सरकारी व अर्द्ध सरकारी कर्मचारी के परिलाभों का चार साल तक भुगतान रोकना अवैध और मनमाना ही नहीं, अपितु पाप है। पाप इसलिए, क्योंकि भुगतान में देरी को कानूनी अपराध घोषित नहीं किया गया है। कर्मचारियों को यह पाप करने से डरना चाहिए। यह अनैतिक व असामाजिक कृत्य है। कोर्ट ने राज्य सरकार को भुगतान संबंधी सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करने का निर्देश दिया है।

न्यायमूर्ति क्षितिज शैलेंद्र ने बिजनौर के श्योहरा नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी (ईओ) कार्यालय से सेवानिवृत्त सफाई कर्मचारी राम कुमार की याचिका पर यह आदेश दिया है। कोर्ट ने ईओ को याची की पेंशन व सेवानिवृत्ति परिलाभों का भुगतान 15 अक्टूबर-23 तक करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने मुख्य सचिव को आदेश की जानकारी सर्कुलर जारी कर सभी विभागों को भेजने का भी आदेश दिया है।

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