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(सांकेतिक तस्वीर)
– फोटो : सोशल मीडिया
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि सरकार की तरफ से ठोस पैरवी न किए जाने से गंभीर अपराधों के आरोपी जमानत पर छूट जा रहे हैं। वह हतप्रभ है कि दोहरे हत्याकांड जैसे गंभीर अपराध के 11 अभियुक्तों में से 10 को जमानत पर रिहा कर दिया गया। कोर्ट ने अपने आदेशों में लिखा है कि अपर शासकीय अधिवक्ता ने जमानत का जोरदार विरोध किया, किंतु, क्या बहस की उसका उल्लेख नहीं है।
षड्यंत्र कर दो लोगों को मौत के घाट उतार दिया गया और हत्या करने वाले अभियुक्तों को जमानत मिल गई। षड्यंत्र के आरोपी याची ने इसी आधार पर पैरिटी मांगी। वह 23 नवंबर 21 से जेल में बंद हैं। जेलों में क्षमता से अधिक कैदी हैं और ट्रायल के शीघ्र पूरा होने की उम्मीद नहीं है। सह अभियुक्तों को जमानत मिल चुकी है। अनुच्छेद 21 जीवन के अधिकार को देखते हुए एक मात्र बचे अभियुक्त की जमानत विचारणीय है।
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