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Prayagraj News : इलाहाबाद हाईकोर्ट
– फोटो : अमर उजाला।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी किशोर की सशर्त जमानत मंजूर कर ली है और किशोर न्याय बोर्ड व अपीलीय अदालत द्वारा जमानत अर्जी खारिज करने का आदेश रद्द कर दिया है। कोर्ट ने कहा है कि निराधार कल्पना के आधार पर जमानत न देना उचित नहीं है। बोर्ड ने कहा था कि आरोपी किशोर पर पिता का नियंत्रण नहीं है। वह अपराध में लिप्त हो सकता है।
कोर्ट ने कहा आरोपी 15 फरवरी 2022 से सुधार गृह में अभिरक्षा में है। पिता ने उसके अपराध में लिप्त न होने व अच्छा जीवन जीने का आश्वासन दिया है। कोर्ट ने कहा कि याची के पिता या संरक्षक से आश्वासन लेकर उसे रिहा किया जाए। यह आदेश न्यायमूर्ति एसके पचौरी ने किशोर की ओर से दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है।
मामले में 16 वर्षीय पीड़िता की मां ने दुष्कर्म के आरोप में थाना मर्का जिला बांदा में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। किशोर न्याय बोर्ड बांदा ने आरोपी को जमानत पर छोड़ने से इन्कार कर दिया। इसके बाद आरोपी के पिता की तरफ से आपराधिक पुनरीक्षण याचिका दायर की गई थी। कोर्ट ने याचिका मंजूर कर ली है। याची घटना के समय 14 साल आठ महीने का था। याची के पिता का का कहना है कि पीड़िता को किसी प्रकार की आंतरिक या बाहरी चोट मेडिकल जांच में नहीं पाई गई है। उसके बेटे को झूठा फंसाया गया है।
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