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प्रांतीय रक्षक दल।
– फोटो : अमर उजाला।
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प्रांतीय रक्षक दल के जवानों के लिए राहत वाली खबर है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उन्हें दिए जा रहे भत्ते को विसंगति वाला मानते हुए उसमें सुधार की जरूरत बताई है। कोर्ट ने यूपी सरकार से कहा है कि वह प्रांतीय रक्षक दल के तहत नियुक्ति होमगार्डों को दिया जाने वाला प्रतिमाह भत्ता पुलिसकर्मी को मिलने वाले 30 दिन के न्यूनतम वेतमान के समान हो। इसके साथ ही उन्हें होमगार्डों की तरह ही अन्य भत्ते व अन्य लाभ भी प्रदान किए जाएं। कोर्ट ने इसके लिए यूपी सरकार को तीन महीने का समय दिया है।
कोर्ट ने कहा है प्रांतीय रक्षक दल के जवान सुप्रीम कोर्ट द्वारागृह रक्षक, होम गाड्र्स वेलफेयर एसोसिएशन के मामले में दिए गए निर्देर्शों के अनुसार लाभ पाने के हकदार हैं।यह आदेश न्यायमूर्ति पंकज भाटिया ने राजवीर सिंह व 62 अन्य सहित प्रांतीय रक्षकदल के जवानों की ओर दाखिल अन्य याचिकाओं पर एक साथ स्वीकार करते हुए दिया है। कोर्ट ने कहा कि पीआरडी जवानों को दिया जा रहा पारिश्रमिक चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों के लिए निर्धारित न्यूनतम वेतन से कम है। राज्य सरकार की यह कार्रवाई स्पष्ट रूप से मनमानी है और भारत के संविधान के अनुच्छेद 14 का उल्लंघन है।
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