हाईकोर्ट : बीस साल पहले समाप्त हो गई प्रक्रिया को तहसीलदार द्वारा पुन: शुरू करने की कार्यवाही पर कोर्ट ने लगाई रोक

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The court stayed the proceedings of re-starting the process by Tehsildar which ended twenty years ago

इलाहाबाद हाईकोर्ट
– फोटो : अमर उजाला

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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने तहसीलदार कर्वी, चित्रकूट के उस आदेश पर रोक लगा दी है, जिससे ग्राम पंचायत की जमीन पर कब्जा दखल को लेकर उत्तर प्रदेश जमींदारी विनाश तथा भूमि व्यवस्था अधिनियम 1950 की धारा 122 बी के तहत समाप्त हो गई प्रक्रिया को करीब 20 साल बाद पुन: शुरू करने की कार्यवाही शुरू की गई है। कोर्ट ने राज्य सरकार व विपक्षियों से छह सप्ताह में जवाब मांगा है। 

ग्राम पंचायत रानीपुर भट्ट निवासी मुन्ना द्वारा दाखिल याचिका की सुनवाई करते हुए यह आदेश न्यायमूर्ति क्षितिज शैलेन्द्र ने दिया है।याची के अनुसार गाटा संख्या 190 में 20.50 वर्ग फुट में 1945 में मकान का निर्माण कर रहता चला आ रहा था। ग्राम पंचायत ने 1996 में इसे सरकारी जमीन माना और जमींदारी विनाश तथा भूमि सुधार अधिनियम 1950 की धारा 122 बी के तहत ग्राम पंचायत की जमीन से बेदखल करने की कार्यवाही शुरू की।

तहसीलदार कर्वी ने 11 जून 2001 को याची पर 10000 रुपये का जुर्माना लगाते हुए उसे बेदखल करने का आदेश दिया। जिसे अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व चित्रकूट के समक्ष निगरानी दाखिल कर चुनौती दी गई। एडीएम ने तहसीलदार कर्वी के एकपक्षीय आदेश को निरस्त कर दिया और मेरिट के आधार पर सुनवाई कर आदेश पारित करने को कहा।

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