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(सांकेतिक तस्वीर)
– फोटो : सोशल मीडिया
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मथुरा में चुने हुए प्रतिनिधि की ओर से महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना के तहत की गई अनियमितता के मामले में जांच कर क्लीन चिट देने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा है, योजना के तहत राजस्व लाभ लेने वालाें से भी वसूली की जाए। यह आदेश मुख्य न्यायमूर्ति राजेश बिंदल और न्यायमूर्ति जेजे मुनीर की खंडपीठ ने जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है।
इसकेपहले डीएम मथुरा पुलकित खरे खंडपीठ के समक्ष पेश हुए। कोर्ट ने उनकी ओर से दाखिल हलफनामे को रिकॉर्ड पर लेते हुए पूछा, योजना के तहत हुई अनियमितता की जांच करने वाले अधिकारियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई और राजस्व की वसूली के लिए क्या किया गया। डीएम ने बताया, वसूली की प्रक्रिया शुरू की गई है। इसके अलावा जांच में क्लीन चिट देने वाले अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई प्रस्तावित है।
इस पर कोर्ट ने पूछा, क्या इस मामले में कोई ऑडिट हुई है, कोर्ट ने ऑडिट करने वाली अथॉरिटी का नाम भी पूछा। कोर्ट ने मामले की सुनवाई के लिए 20 दिसंबर की तिथि निश्चित की है। याचिका पर अधिवक्ता अविनाश चंद्र श्रीवास्तव ने पक्ष रखा। बताया, विवावली ढाकू ग्राम प्रधान ने अपने घर के सदस्यों का ही जॉब कार्ड बनाकर राजस्व को क्षति पहुंचाई। मामले में चार बार शिकायत हुई, जिस पर जांच करने वाले अधिकारियों ने क्लीन चिट दे दी।
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