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हाथरस कांड
– फोटो : अमर उजाला
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हाथरस में कोतवाली चंदपा क्षेत्र के गांव में तीन साल पहले 14 सितंबर 2020 को बिटिया के साथ हुई दरिंदगी की घटना के तीन साल पूरे होने पर बृहस्पतिवार को खुफिया तंत्र चौकन्ना रहा। खुफिया तंत्र की गांव में आने-जाने वालों पर पैनी नजर रही। सीआरपीएफ की टुकड़ी रोजाना की तरह परिवार की सुरक्षा में मुश्तैद नजर आई। कोई भी राजनेता पीड़ित परिवार से मिलने नहीं पहुंचा।
विगत 14 सितंबर 2020 को क्षेत्र के गांव में बिटिया के साथ दरिंदगी की घटना हुई थी। 15 दिन बाद 29 सितंबर को उसकी दिल्ली के अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई थी। यह घटना देशभर में सुर्खियों में रही। रात में प्रशासन ने बिटिया के शव का अंतिम संस्कार करा दिया था। इसे लेकर सरकार और प्रशासन को तीखा विरोध झेलना पड़ा था।
बृहस्पतिवार को इस घटना के तीन वर्ष पूरे होने पर बिटिया का परिवार गमगीन दिखाई दिया। खुफिया तंत्र पूरे दिन यह जानकारी लेता रहा कि कहीं कोई राजनेता या बड़ी हस्ती बिटिया के परिवार से मिलने तो नहीं पहुंच रही या इस घटना के विरोध में कोई प्रदर्शन तो नहीं हो रहा। सीआरपीएफ के जवान भी पूरे दिन परिवार की सुरक्षा में मुश्तैद नजर आए। पीड़ित परिवार आज भी घटना के दर्द को नहीं भूल पाया है। परिवार के लोगों को आज भी सरकार की तरफ से किए गए वादों के पूरा होने का इंतजार है।
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