[ad_1]

सीबीआई (सांकेतिक तस्वीर)।
– फोटो : ANI
विस्तार
सीबीआई ने एक शिकायत के आधार पर सतलुज जल विद्युत निगम लिमिटेड (एसजेवीएनएल) के तत्कालीन तीन अधिकारियों, एक निजी कंपनी व इसी कंपनी के प्रतिनिधियों सहित अन्यों के खिलाफ मामला दर्ज किया। यह कार्रवाई एसजेवीएनएल को 191 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाने के आरोप में की गई है। सीबीआई ने मामले में करीब सात स्थानों पर तलाशी ली। सीबीआई ने एसजेवीएनएल के सेवानिवृत्त कार्यकारी निदेशक आरके अग्रवाल, सेवानिवृत्त मुख्य महाप्रबंधक संजय उप्पल व सेवानिवृत्त उप महाप्रबंधक एके जिंदल के अलावा मैसर्स पावर एनर्जी कंसल्टेंट्स के प्रतिनिधि विनीत शर्मा, मेसर्स पावर एनर्जी कंसल्टेंट्स के प्रतिनिधि सीएम जैन और मैसर्स गेम्सा विंड टर्बाइन प्राइवेट लिमिटेड चेन्नई, जिसका नाम अब मैसर्स सीमेंस गेम्सा नवीकरणीय ऊर्जा लिमिटेड के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
ये है आरोप
यह आरोप है कि उक्त कंपनी ने पवन ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने के लिए दोषपूर्ण व्यवहार्यता रिपोर्ट प्रदान की थी। यह भी आरोप है कि आरोपियों ने अन्यों के साथ षड्यंत्र में खिरविरे/कोंभलाने, जिला अहमदनगर (महाराष्ट्र) में स्थित एसजेवीएनएल के उक्त पवन ऊर्जा संयंत्र की स्थापना के लिए निविदा विनिर्देशों के अनुसार उपकरणों एवं सामग्री की उचित आपूर्ति व स्थापना सुनिश्चित नहीं की। इसके परिणामस्वरूप उक्त संयंत्र का प्रदर्शन कम हो गया। इससे एसजेवीएनएल को करीब 191 करोड़ (लगभग) की कथित हानि हुई। सीबीआई ने आरोपियों के दिल्ली, गाजियाबाद, गुड़गांव, समाना (जिला पटियाला, पंजाब) व चेन्नई स्थित परिसरों सहित लगभग सात स्थानों पर तलाशी ली गई। तलाशी में कुछ दस्तावेज भी बरामद हुए।
[ad_2]
Source link