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राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी
– फोटो : अमर उजाला
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राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने राज्य में प्रत्येक पंचायत और ग्राम स्तर पर 8 से 10 स्वयंसेवकों को आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण देने तथा राहत और बचाव कार्यों के लिए आवश्यक उपकरण उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने जिलों में स्थित होमगार्ड प्रशिक्षण संस्थानों को आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण के लिए उपयोग करने के निर्देश भी दिए।
बुधवार को शिमला और प्रदेश में लगातार बारिश के कारण हुए नुकसान की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए सभी उपायुक्तों को राहत एवं बचाव कार्य प्राथमिकता के आधार पर करने तथा बेमौसमी बारिश से फसलों को होने वाले नुकसान का आकलन करने के निर्देश दिए। जगत सिंह नेगी ने राष्ट्रीय आपदा मोचन बल तथा राज्य आपदा मोचन बल को आपदा के समय त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने बैठक के दौरान संबंधित अधिकारियों से राहत और बचाव कार्यों के बारे में जानकारी ली। बैठक के दौरान विशेष सचिव राजस्व-आपदा प्रबंधन डीसी राणा तथा राजस्व-आपदा प्रबंधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।
भूकंपरोधी भवनों के निर्माण के लिए मिस्त्रियों को प्रशिक्षित कर रहा विभाग : ओंकार
प्रधान सचिव राजस्व ओंकार चंद शर्मा ने राजस्व मंत्री को आपदा प्रबंधन अधिनियम के प्रावधानों तथा राजस्व-आपदा विभाग की ओर से चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं के बारे में अवगत करवाया। उन्होंने बताया कि विभाग भूकंपरोधी भवनों के निर्माण के लिए मिस्त्रियों को प्रशिक्षित कर रहा है। इसके अतिरिक्त अस्पताल, विद्यालयों व अन्य प्रमुख भवनों की रेट्रो फिटिंग भी की जा रही है, जिससे भूकंप के समय संभावित नुकसान को कम किया जा सके।
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