हिमाचल: बाढ़ में बहे 2870 स्लीपर, 722 क्यूबिक मीटर बालन जब्त, जंगलों में अब ड्रोन से रखी जाएगी नजर

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2870 sleepers washed away in floods, 722 cubic meters of balan seized, drones will now be monitored in forests

लकड़ी को एकत्र करते वन विभाग कर्मी।
– फोटो : संवाद

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हिमाचल प्रदेश के सभी जंगलों की ड्रोन से निगरानी होगी। बाढ़ से लाखों रुपये की इमारती लकड़ी पानी के बहाव के साथ आबादी वाले क्षेत्रों में आने से सभी चौंक गए हैं। अब तक वन विभाग ने 2,870 स्लीपर, और 722 क्यूबिक मीटर बालन, ठेले बरामद किए गए हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से पानी के बहाव के साथ आई इमारती लकड़ी के बरामद किए जाने का सिलसिला जारी है। सरकार ने जिलों के डीएफओ को निर्देश दिए गए हैं कि वे वनकाटुओं पर कड़ी नजर रखें। इन लोगों कार्रवाई करते हुए सलाखों के पीछे पहुंचाएं। हिमाचल प्रदेश में बाढ़ के चलते थुनाग बाजार में भी भारी संख्या में इमारती लकड़ी और बालन पहुंच गई। स्लीपर पानी में बहते हुए बाजार तक आ गए।

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया है, सीएम ने भी अधिकारियों को जंगलों को सर्विलांस रखने के निर्देश दिए हैं। वन विभाग की ओर से यह पता लगाया जा रहा है कि आखिर इतनी लकड़ी कब काटी गई। यह कटान किस जंगल में हुआ है। भारी मात्रा में इमारती लकड़ियां आने से वन विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। जंगलों की रखवाली के लिए फील्ड पर डीएफओ, आरओ, रेंजर समेत गार्ड तैनात रहते हैं, बावजूद इसके इमारती लकड़ियां को बरामद किया जाना सरकार के आलाधिकारी हैरत में हैं। प्रधान सचिव वन ओंकार शर्मा ने बताया कि लकड़ियों को जब्त करने की प्रक्रिया जारी है। वन अधिकारियों को लगातार रिपोर्ट मांगी जा रही है। यह स्लीपर कहां से आए हैं। इसकी भी जांच की जा रही है।

 

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