हिमाचल राज्यसभा चुनाव: अगर पर्ची निकलती तो बागियों की बढ़ जातीं मुश्किलें, जानें पूरा मामला

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Himachal Rajya Sabha Elections: If the slip does not support then the trouble for the rebels will increase.

सीआरपीएफ सुरक्षा में चंडीगढ़ पहुंचे कांग्रेस विधायक
– फोटो : सोशल मीडिया

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हिमाचल प्रदेश में राज्यसभा की एक सीट के लिए मंगलवार को हुए मतदान में अगर पर्ची भाजपा प्रत्याशी हर्ष महाजन का साथ न देती, तो कांग्रेस के बागी विधायकों की मुश्किलें बढ़ सकती थीं। कांग्रेस के बागी विधायक विधानसभा सत्र स्थगित होने के बाद करीब तीन बजे पंचकूला की ओर रवाना हो गए थे, वहीं राज्यसभा सीट के लिए मतगणना 7:40 तक चली। चुनाव परिणाम घोषित होने से पहले ही बागी विधायक पंचकूला पहुंच गए थे। मंगलवार को सुबह से चर्चा थी कि कांग्रेस के विधायक क्रॉस वोटिंग कर सकते हैं और हुआ भी ऐसा ही। क्रॉस वोटिंग करने वाले छह कांग्रेसी विधायक और तीन निर्दलीय तय रणनीति के तहत परवाणू रवाना हो गए।

विधायक अपनी निजी गाड़ियों में अन्य विधायकों को भी साथ ले गए। चिंतपूर्णी जी से विधायक सुदर्शन बबलू अस्वस्थ थे। उन्हें वोट डालने के लिए हेलिकाप्टर से शिमला लाया गया। खुद मुख्यमंत्री उन्हें लेने पहुंचे तो इससे साफ हो गया था कि कांग्रेस को भितरघात का डर सता रहा था। कशमकश के बीच करीब 7:00 बजे मतगणना पूरी हुई, तो दोनों दलों को 34-34 वोट पड़े। गहमागहमी के बीच पर्ची से विजेता का निर्णय हुआ। पर्ची अभिषेक मनु सिंघवी के हक में निकली और जीत हर्ष महाजन की हो गई। अगर पर्ची हर्ष महाजन की निकलती तो कांग्रेस के बागी विधायकों की मुश्किलें बढ़ जातीं, क्योंकि राज्यसभा चुनावों में जिस प्रत्याशी की पर्ची निकलती है, उसकी हार होती है।

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