हिमाचल: लोक अदालतों में रचा इतिहास, एक साथ हुई 1,13,670 मामलों की सुनवाई

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सांकेतिक तस्वीर

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– फोटो : सोशल मीडिया

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हिमाचल प्रदेश में पहली बार लोक अदालतों में इतिहास रचकर रिकॉर्ड 61,804 केस निपटाए गए। इसमें ऑफलाइन 50175 और ऑनलाइन 11629 मामले निपटाए गए। लोक अदालतों के लिए 4.26 लाख मामले चिह्नित किए गए थे। इनमें 1,13,670 मामलों की एक साथ सुनवाई हुई, जिसमें अदालत ने जुर्माने के तौर पर लोगों से करीब 86 करोड़ रुपये वसूले।

ऑनलाइन लोक अदालत प्लेटफार्म में लोगों ने कम रुचि दिखाई। बता दें कि राष्ट्रीय लोक अदालत के आयोजन के लिए प्रदेश में 133 लोक अदालत बेंचों का गठन किया था। ऑनलाइन लोक अदालत के दौरान मामलों की हुई सुनवाई में आम जनता को कंपाउंडिंग शुल्क या जुर्माने के ऑनलाइन भुगतान की सुविधा प्रदान की गई थी। 

हिमाचल प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के मुख्य संरक्षक और हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश एए सैयद और संरक्षक एवं न्यायाधीश सबीना के मार्गदर्शन में राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ने रविवार को राज्य की सभी अदालतों में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया था। इससे पहले अगस्त 2022 में आयोजित लोक अदालत में 49 हजार में से केवल 24 हजार मामले निपटाए गए थे।

समय और पैसा बचाती है लोक अदालत
मामलों का त्वरित विचारण नागरिक का मूल अधिकार है। विचारण अथवा न्याय में विलंब से व्यक्ति की न्यायपालिका के प्रति आस्था में गिरावट आने लगती है। लोक अदालत के जरिये त्वरित विचारण की दिशा में कदम उठाने की अनुशंसा की गई है। 

विस्तार

हिमाचल प्रदेश में पहली बार लोक अदालतों में इतिहास रचकर रिकॉर्ड 61,804 केस निपटाए गए। इसमें ऑफलाइन 50175 और ऑनलाइन 11629 मामले निपटाए गए। लोक अदालतों के लिए 4.26 लाख मामले चिह्नित किए गए थे। इनमें 1,13,670 मामलों की एक साथ सुनवाई हुई, जिसमें अदालत ने जुर्माने के तौर पर लोगों से करीब 86 करोड़ रुपये वसूले।

ऑनलाइन लोक अदालत प्लेटफार्म में लोगों ने कम रुचि दिखाई। बता दें कि राष्ट्रीय लोक अदालत के आयोजन के लिए प्रदेश में 133 लोक अदालत बेंचों का गठन किया था। ऑनलाइन लोक अदालत के दौरान मामलों की हुई सुनवाई में आम जनता को कंपाउंडिंग शुल्क या जुर्माने के ऑनलाइन भुगतान की सुविधा प्रदान की गई थी। 

हिमाचल प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के मुख्य संरक्षक और हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश एए सैयद और संरक्षक एवं न्यायाधीश सबीना के मार्गदर्शन में राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ने रविवार को राज्य की सभी अदालतों में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया था। इससे पहले अगस्त 2022 में आयोजित लोक अदालत में 49 हजार में से केवल 24 हजार मामले निपटाए गए थे।

समय और पैसा बचाती है लोक अदालत

मामलों का त्वरित विचारण नागरिक का मूल अधिकार है। विचारण अथवा न्याय में विलंब से व्यक्ति की न्यायपालिका के प्रति आस्था में गिरावट आने लगती है। लोक अदालत के जरिये त्वरित विचारण की दिशा में कदम उठाने की अनुशंसा की गई है। 



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