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सेब कार्टन(फाइल)
– फोटो : संवाद
विस्तार
सेब की पैकिंग के लिए यूनिवर्सल कार्टन को अनिवार्य तौर पर लागू करने के लिए प्रदेश सरकार ने कमेटी गठित कर दी है। एपीएमसी ऐक्ट के तहत कृषि विपणन बोर्ड की कमेटी को यूनिवर्सल कार्टन लागू करने की रूपरेखा तय करने का जिम्मा सौंपा गया है। अगले साल सेब सीजन से हिमाचल में सेब की पैकिंग सिर्फ यूनिवर्सल कार्टन में होगी। टेलिस्कोपिक कार्टन का न तो उत्पादन होगा न ही इसका इस्तेमाल करने की इजाजत होगी। हिमाचल में वजन के हिसाब से सेब बेचने की प्रक्रिया लागू करने के बाद अब अंतरराष्ट्रीय ग्रेड के तहत यूनिवर्सल पैकिंग में ही सेब बिक्री की व्यवस्था लागू करने की तैयारी है। लंबे समय से बागवान भी सेब की पैकिंग के लिए यूनिवर्सल कार्टन ही लागू करने की मांग उठा रहे हैं।
सेब पैकिंग के लिए इस्तेमाल होने वाले टेलिस्कोपिक कार्टन में सेब की अतिरिक्त तहें भरने की संभावना रहती है। आढ़तियों के दबाव में बागवान अच्छी कीमत के लिए 20 किलो के कार्टन में 28 से 30 किलो सेब भर देते हैं। बागवानों को सामान्य के मुकाबले एक या दो किलो सेब की अतिरिक्त कीमत मिलती है जिसके एवज में खरीददार 8 से 10 किलो अतिरिक्त सेब ले लेता है। बागवानों को हो रहे भारी नुकसान से बचाने के लिए यूनिवर्सल कार्टन लागू करने की तैयारी है। कृषि विपणन बोर्ड की कमेटी यूनिवर्सल कार्टन लागू करने को लेकर बैठक कर चुकी है। अब कमेटी अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी जिसके आधार पर सरकार यूनिवर्सल कार्टन का लागू करने की अधिसूचना जारी करेगी।
यूनिवर्सल कार्टन की अधिसूचना जारी करेगी सरकार : नेगी
बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि बागवानों को सेब की पेटी में जबरन अधिक सेब भरने के लिए मजबूर न किया जा सके, इसके लिए यूनिवर्सल कार्टन लागू किया जा रहा है। एपीएमसी एक्ट के तहत प्रदेश में सेब की पैकिंग के लिए यूनिवर्सल कार्टन लागू किया जाएगा। इसके लिए मार्केटिंग बोर्ड की कमेटी गठित की गई है। कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर सरकार यूनिवर्सल कार्टन लागू करने की अधिसूचना जारी करेगी।
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