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एफआईआर।
– फोटो : अमर उजाला।
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अलीगढ़ में चंडौस कोतवाली के गांव नगला पदम की 46.5 बीघा जमीन के फर्जीबाड़े में कासगंज जिले के पटियाली तहसील के न्यायिक तहसीलदार संदीप चौधरी व उनके पिता सहित 9 लोगो के खिलाफ धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
नगला पदम में गुलवीर सिंह के नाम पर 64 बीघा जमीन थी। उनके निधन के बाद रिश्तेदार खुर्जा के गांव अटेरना निवासी रवेन्द्र राघव ने वसीयत के जरिये जमीन पर अपना हक जताया था। रवेन्द्र व गुलवीर सिंह के पुत्रो में काफी दिनों तक जमीन का विवाद चलता रहा। विवाद के बाद खतौनी पर दोनों पक्षों के नाम दर्ज हो गए। जमीन के असली हकदार गुलवीर और उनके चारों पुत्र थे।
रवेन्द्र के निधन के बाद खतौनी में उनकी पत्नी बीना देवी, पुत्री तनु, पुत्र शिवम राघव निवासी अटेरना तहसील खुर्जा के नाम दर्ज हो गये। जिन्होंने 15 नवंबर 2022 को बुलंदशहर के गांव सलेमपुर निवासी ओमप्रकाश व नोएडा निवासी पवन कुमार, दिल्ली के सकरपुर निवासी सुशील कुमार को लगभग डेढ़ करोड़ रुपयों में जमीन बेच दी थी। ये सौदा रेवेन्यू बोर्ड व कोर्ट के स्टे के बाद हुआ था। इसमें सुशील कुमार गभाना तहसील के तत्कालीन नायब तहसीलदार संदीप चौधरी के करीबी हैं।
इसकी शिकायत नगला पदम निवासी राकेश कुमार पुत्र गुलवीर सिंह ने सीएम पोर्टल पर की। जिसके बाद पूरे मामले की जांच शुरू हो गई। लंबी जांच के बाद शनिवार को डीएम के आदेश पर गभाना तहसील के तत्कालीन नायब तहसीलदार व वर्तमान में कासगंज के पटियाली तहसील के न्यायिक तहसीलदार संदीप चौधरी को पूरे मामले में साजिश रचने का दोषी माना गया। बुलंदशहर के गांव सारंगपुर निवासी जमीन ब्रिकी के गवाह उनके पिता अनिल प्रताप सिंह व जमीन खरीददार पवन कुमार, ओमप्रकाश, सुशील कुमार को भी आरोपी मनाया गया। इस तरह से जमीन बेचने वाली बीना देवी, तनु व शिवम राघव व नगला पदम निवासी सहयोगी कौशलेन्द्र सहित 9 लोगों के खिलाफ धारा 420 व 467 व 468 व 471 व 120 बी के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई है।
गभाना तहसील के तत्कालीन नायब तहसीलदार संदीप चौधरी सहित 9 लोगों के खिलाफ उक्त जमीन के मामले में चंडौस कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज की गई है। पुलिस जांच कर आगे की कार्रवाई करेगी। -सुमन कनौजिया, सीओ गभाना।
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