[ad_1]

प्रकाश झा
– फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
हिंदी फिल्मों के निर्देशकों की सोच और प्रस्तुत करने का तरीका इतना शानदार है कि उनके आगे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की तकनीकी भी फीकी पड़ जा रही है। वाराणसी में ज्यादा फिल्में बननी चाहिए और इसके लिए यहां फिल्म जगत के लोगों को आवश्यतानुसार सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी अनुरोध करूंगा। यह बातें शुक्रवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कमिश्नरी ऑडिटोरियम में छठें अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल के उद्घाटन में कहीं। पहले दिन चार शो में 32 देशों की शॉर्ट फिल्में दिखाई गईं।
नकवी ने कहा कि बनारस में फिल्मों के लिए यहां सभी प्रकार के संसाधन उपलब्ध हैं। यही कारण है कि बदलते दौर में भी फिल्म निर्माताओं की पहली पसंद है। निर्माता, निदेशक व अभिनेता प्रकाश झा ने इंडियन इन्फोटेन्मेट मीडिया कारपोरेशन (आईआईएमसी) की टीम को आयोजन के लिए कहा कि ऐसे आयोजन होते रहने चाहिए। ऐसे फिल्म फेस्टिवल ही फिल्मकार और दर्शक को सीधे एक दूसरे से जुड़ने और अपनी बातें साझा करने का मंच प्रदान करते हैं।
आईआईएम के चेयरमैन देवेंद्र खंडेलवाल ने कहा कि फेस्टिवल में पहले 115 देशों से 3212 फिल्मों का चयन हुआ। प्रीलिमिनरी जूरी ने समय लगाकर फिल्मों को पूरा देखा और 45 देशों की 94 फिल्मों का चयन किया। जिनका प्रदर्शन इन तीन दिनों में किया जाएगा। इस मौके पर उपनिदेशक पर्यटन आरके रावत के साथ फिल्मी हस्तियों में देबश्री रॉय, रूमी जाफरी, सुधरी पांडेय, अशोक कुमार बर्मन, मधुरिमा तुली, विनोद गनत्रा, अश्विनी अय्यर, मनीष तिवारी, वरुणा शेट्टी, प्रियंका अग्निहोत्री मौजूद रहे।
प्रकाश झा बोले, फिल्मों के प्रति जनता की अपेक्षाओं पर हो शोध
निर्माता, निदेशक और अभिनेता प्रकाश झा ने कहा कि बदलते दौर में वेब सीरीज और शॉर्ट फिल्मों का चलन बढ़ा है। फिल्मों को लेकर लोगों की जो अपेक्षाएं हैं उन पर शोध होना चाहिए। प्रकाश ने बताया कि वे देश के पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव द्वारा लिखी पुस्तक द हाफ लॉयन पर वेब सीरीज बना रहे हैं। कहा कि वाराणसी कला और संस्कृति की नगरी के साथ ही पर्यटन का भी बड़ा केंद्र है। इसलिए निर्माता फिल्मों की शूटिंग के लिए इस लोकेशन को प्राथमिकता देते हैं।
[ad_2]
Source link