महाराष्ट्र: ‘महिलाओं को कम आंकने की है समाज की मानसिकता’; विधान परिषद उपाध्यक्ष नीलम गोरे ने कही बड़ी बात

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Gorhe calls for rehabilitation of child labourers, oppressed women

पालघर में एक कार्यक्रम में नीलम गोरे मौजूद रहीं
– फोटो : सोशल मीडिया

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महाराष्ट्र विधान परिषद की उपाध्यक्ष नीलम गोरे ने बाल श्रमिकों और उत्पीड़ित महिलाओं के पुनर्वास की आवश्यकता पर जोर दिया है। मंगलवार शाम पालघर जिले के वसई इलाके में एक कार्यक्रम के दौरान नीलम गोरे ने कहा, वैश्विक,सार्वभौमिक और संवैधानिक ढांचे को समझकर समाज की समस्याओं का समाधान किया जा सकता है। साथ ही उन्होंने कहा, सामाजिक कानूनों के कार्यान्वयन की जिम्मेदारी सामाजिक संगठनों की है।

गोरे बोलीं, समाज की मानसिकता महिलाओं को कम आंकने की है

कार्यक्रम में महिलाओं के संबंध में बोलते हुए नीलम गोरे ने कहा, समाज की मानसिकता महिलाओं को कम आंकने की है। इसलिए महिलाओं में साहस की कमी रहती है। गोरे ने कहा, साहस तो लोगों के साथ बातचीत करने से ही आता है।








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