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पालघर में एक कार्यक्रम में नीलम गोरे मौजूद रहीं
– फोटो : सोशल मीडिया
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महाराष्ट्र विधान परिषद की उपाध्यक्ष नीलम गोरे ने बाल श्रमिकों और उत्पीड़ित महिलाओं के पुनर्वास की आवश्यकता पर जोर दिया है। मंगलवार शाम पालघर जिले के वसई इलाके में एक कार्यक्रम के दौरान नीलम गोरे ने कहा, वैश्विक,सार्वभौमिक और संवैधानिक ढांचे को समझकर समाज की समस्याओं का समाधान किया जा सकता है। साथ ही उन्होंने कहा, सामाजिक कानूनों के कार्यान्वयन की जिम्मेदारी सामाजिक संगठनों की है।
गोरे बोलीं, समाज की मानसिकता महिलाओं को कम आंकने की है
कार्यक्रम में महिलाओं के संबंध में बोलते हुए नीलम गोरे ने कहा, समाज की मानसिकता महिलाओं को कम आंकने की है। इसलिए महिलाओं में साहस की कमी रहती है। गोरे ने कहा, साहस तो लोगों के साथ बातचीत करने से ही आता है।
सामाजिक कायदे राबविण्याची जबाबदारी सामाजिक संघटनांची !
उपसभापती डॉ.नीलम गोऱ्हे यांच्या हस्ते श्रमजीवी संघटनेचे संस्थापक विवेक पंडित यांच्या’माणूस म्हणून जगण्यासाठी’ या पुस्तकाचे प्रकाशन
आम्ही काय र चिखुल खावा? पुस्तकाच्या३र्या आवृत्तीचे प्रकाशन@MahaDGIPR @VivekPandit2308 @ANI pic.twitter.com/PzmO9Es0k0
— Dr Neelam Gorhe (@neelamgorhe) September 26, 2023
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