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लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख और लोजपा के जमुई सांसद चिराग पासवान
– फोटो : अमर उजाला
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लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख और जमुई के सांसद ने फिर से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार दबाव की राजनीति करते हैं। वह दबाव डालकर ज्यादा से ज्यादा लाभ लेना इनकी पुरानी रणनीति का हिस्सा है। विपक्षी दलों के गठबंधन में बड़े-बड़े सपने लेकर सीएम नीतीश कुमार गए थे। संयोजक बनेंगे, गठबंधन के नेता बनेंगे, प्रधानमंत्री पद का चेहरा बनेंगे। हकीकत यह है कि इन्हें किसी ने पूछा तक नहीं। यह केवल इनकी व्यक्ति की वजह से है। मुख्यमंत्री के व्यक्तित्व पर इतना अविश्वास है कि गठबंधन के नेता और प्रदेश की जनता इनपर विश्वास नहीं करते हैं। यह बार-बार दबाव की राजनीति का इस्तेमाल करते हैं। एनडीए में आने की चर्चा भी इनकी दबाव का कारण ही है।
हर वो नेता जो जनता के बीच जाते हैं, वह जदयू छोड़ देंगे
पूर्व एमएलसी रणबीर नंदन द्वारा जदयू की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने के सवाल पर चिराग पासवान ने कहा कि यह तो शुरुआत है। आने वाले दिनों में यह संख्या बढ़ने वाली है। एक बड़ा असंतोष जदयू में है। ये वो लोग हैं तो जनता के बीच जाते हैं। इन्हें जनता का सुनना पड़ता है। सीएम नीतीश कुमार को तो जनता के बीच जाना नहीं है। वह तो बैक डोर से एमएलसी बनकर मुख्यमंत्री बनते हैं। ऐसे हर वो नेता जो जनता के बीच जाते हैं, वह जदयू छोड़ देंगे।
प्रो. रणवीर नंदन बोले- जब प्रतिष्ठा पर चोट लगे तो कैसे संभव है कि टिका जाए
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेहद करीबी और पार्टी के अगड़े चेहरों में से एक पूर्व विधान पार्षद प्रो. रणवीर नंदन ने इस्तीफा दे दिया था। पार्टी के अगड़ा चेहरे प्रो. रणवीर नंदन ने ‘अमर उजाला’ को बताया- “पहले से ऐसा कुछ नहीं था, हालांकि परिस्थितियां जरूर विपरीत थीं। विधान पार्षद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बनाया था। वह सम्मान था। टिकट नहीं मिलने के कारण पार्टी छोड़ने का सवाल नहीं उठा, क्योंकि सीएम के प्रति आस्था में कोई कमी नहीं आयी। लेकिन, जब प्रतिष्ठा पर चोट लगे तो कैसे संभव है कि टिका जाए।
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