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कोर्ट
– फोटो : अमर उजाला।
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हाथरस में विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) चित्रा शर्मा के न्यायालय ने 17 वर्षीय किशोरी का अपहरण कर दुष्कर्म करने के आरोपी को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने दोषी पर अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड न देने पर दोषी को अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
अभियोजन पक्ष के अनुसार शहर के थाना कोतवाली क्षेत्र के एक मोहल्ले की निवासी महिला ने थाने में 26 जुलाई 2019 को तहरीर दी थी। तहरीर में कहा गया था कि उसकी पुत्री 21 जुलाई 2019 की दोपहर करीब 12.50 बजे सब्जी लेने बाजार गई थी, फिर वापस नहीं आई। काफी तलाश करने पर पता चला कि पुत्री को फरमान पुत्र चमन निवासी कांशीराम कॉलोनी थाना कोतवाली हाथरस बहला-फुसलाकर ले गया है।
पुत्री की उम्र करीब 17 वर्ष है। पहले भी वह व्यक्ति उसकी पुत्री से छेड़खानी कर चुका है। दबाववश लोगों ने फैसला करा लिया था। यह लोग अपराधी किस्म के व्यक्ति हैं। इस मामले में थाना कोतवाली में फरमान के विरुद्ध मुकदमा दर्ज हुआ। विवेचक ने विवेचना करने के उपरांत अभियुक्त फरमान के विरुद्ध आईपीसी की धारा 363, 366,376 व 3/4 पॉक्सो एक्ट में आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल कर दिया।
इस मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट)चित्रा शर्मा के न्यायालय में हुई। न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनने के उपरांत आरोपी फरमान पुत्र चमन को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने दोषी पर अर्थदंड भी लगाया है। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी एडीजीसी केशवदेव माहौर ने की।
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