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विंध्याचल में मां के भक्तों की भीड़ उमड़ी
– फोटो : अमर उजाला
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विंध्य पर्वत श्रृंखला के मध्य पतित पावनी गंगा के किनारे पर विराजमान मां विंध्यवासिनी देवी मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। देश के 51 शक्तिपीठों में से एक है विंध्याचल। सबसे खास बात यह है कि यहां कुछ किलोमीटर के दायरे में तीन प्रमुख देवियां विराजमान हैं। ऐसा माना जाता है कि तीनों देवियों के दर्शन किए बिना विंध्याचल की यात्रा अधूरी मानी जाती है। नवरात्र में मां विंध्यवासिनी का दर्शन करने के लिए देश के कोने-कोने से लोग आ रहे हैं। काशी विश्वनाथ धाम की तर्ज पर विंध्य कॉरिडोर के निर्माण से भक्तों की संख्या बढ़ गई है।
ऐसे में उनके लिए विंध्याचल क्षेत्र धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। विंध्याचल में मां विंध्यवासिनी देवी मंदिर के साथ अष्टभुजा और काली खोह मंदिर के अलावा कई अन्य पौराणिक स्थान हैं। यूपी के मिर्जापुर जिले में स्थित विंध्याचल के आसपास ऐसी कई जगहें हैं जो आधुनिकता की ओर भी आकर्षिक करते है। विंध्याचल क्षेत्र से 10 किमी के अंदर मंदिरों, ऐतिहासिक तालाबों, कुंड, पहाड़ के साथ रोपवे भी है। 10 किमी से आगे बढ़ने पर कई जल प्रपात है। जहां विशेष अवसरों पर सैलानियों का तांता लगता है।
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