[ad_1]

चंद्र ग्रहण का दूरगामी परिणाम
ज्योतिष शास्त्र के अनुसाार सूर्य और चंद्र ग्रहण लाभ और हानि का दूरगामी परिणाम होता है. 14 अक्टूबर को सूर्य ग्रहण लगा था, इसके बाद 28-29 अक्टूबर को शरद पूर्णिमा की रात इस साल का आखिरी चंद्र ग्रहण लगेगा.

भारत में दिखाई देगा चंद्र ग्रहण
शरद पूर्णिमा की रात लगने वाला चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई देगा. ज्योतिषाचार्य एक ही माह में दो ग्रहण को कहीं से भी लाभकारी नहीं बता रहे हैं, इतना ही नहीं, 14 अक्टूबर से लेकर 4 नवंबर तक पूरे 20 दिन खगोलीय घटनाक्रम के लिहाज से विशेष बताया गया है.

खगोलीय घटनाक्रम का प्रभाव
इस खगोलीय घटनाक्रम का प्रभाव धरती पर प्राकृतिक आपदा, भूकंप, महामारी, सुनामी, बड़े देशों में युद्ध की स्थिति और भारत सहित पूरे विश्व में राजनीतिक उथल-पुथल के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं.

साल का आखिरी चंद्र ग्रहण
ज्योतिषाचार्य वेद प्रकाश शास्त्री ने बताया कि 28-29 अक्टूबर की मध्य रात्रि को भारत में साल 2023 का आखिरी चंद्र ग्रहण लगेगा. यह ग्रहण भारत में दिखाई देगा, इससे पहले भारत में आखिरी चंद्र ग्रहण साल 2022 में देखा गया था. शरद पूर्णिमा की रात लगने वाला चंद्र ग्रहण का सूतक काल भी मान्य होगा.

चंद्र ग्रहण के सूतक काल की टाइमिंग
28-29 अक्टूबर को लगने वाला चंद्र ग्रहण का सूतक काल 9 घंटे पहले यानी 28 अक्टूबर की शाम 04 बजकर 05 मिनट से लग जाएगा. सूतक काल में भोजन निवृत्ति के साथ धार्मिक कृत्य श्राद्ध आदि करना चाहिए.

ग्रहण में जपा गया मंत्र हमेशा सिद्ध होता है. बाल, वृद्ध, रोगी को छोड़कर सभी सनातनी को अनुसरण करना चाहिए. इसलिए ग्रहण काल में भगवान का नाम लेना चाहिए.
[ad_2]
Source link