Pollution Plight : ग्रैप-2 में सख्ती- हॉटस्पॉट में एक हफ्ते तक AQI 400 के पार तो निर्माण कार्य होंगे बंद

[ad_1]

If AQI crosses 400 in hotspot, construction work will be stopped for a week

Delhi Pollution
– फोटो : अमर उजाला

विस्तार


राजधानी में बढ़ते वायु प्रदूषण से निपटने के लिए दिल्ली सरकार सख्त है। पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने ग्रैप-2 के नियमों को और सख्ती से लागू करने के लिए बुधवार को सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ संयुक्त बैठक की। उन्होंने बताया कि हॉटस्पॉट पर सघन निगरानी का निर्देश दिया गया है।

अगर अगले एक हफ्ते तक हॉटस्पॉट में एक्यूआई का स्तर 400 से ऊपर बना रहा, तो उस हॉटस्पाट के एक किलोमीटर के क्षेत्र के अंदर सभी निर्माण कार्य बंद करने के आदेश दिए जा सकते हैं। सभी सरकारी विभागों को निर्देश दिया गया है कि रात की ड्यूटी पर तैनात सिक्योरिटी गार्ड को हीटर उपलब्ध करवाएं।

गोपाल राय ने कहा कि दिल्ली में ठंड बढ़ने और हवा की गति कम होने के कारण एक्यूआई 350 के आसपास बना हुआ है। आने वाले 15-20 दिन दिल्ली के लिए भारी रहने वाले हैं। ग्रैप-2 लागू होने के बावजूद दिल्ली में कई जगहों पर वायु सूचकांक काफी बढ़ रहा है।

996 आरडब्ल्यूए के साथ अब तक बैठक

गोपाल राय ने कहा कि पिछली मीटिंग में सभी एसडीएम को आदेश दिया था कि वह अपने क्षेत्र के आरडब्ल्यूए के साथ मीटिंग करें। अभी तक 996 आरडब्ल्यूए के साथ मीटिंग की है। जगह-जगह सिक्योरिटी गार्ड द्वारा ठंड से बचने के लिए आग जलाने की जो घटनाएं होती हैं, उन्हें रोकने के लिए हीटर देने के आदेश जारी किए गए हैं। सभी सरकारी विभाग के विभाग अध्यक्षों को आदेश दिया गया है कि वह अपने विभाग में रात की ड्यूटी पर तैनात सिक्योरिटी गार्ड को हीटर उपलब्ध करवाए।

डीटीसी ने शुरू कीं 128 शटल बसें

गोपाल राय ने बताया कि ग्रैप-2 के कार्यान्वयन के तहत डीटीसी और मेट्रो की फ्रीक्वेंसी और फेरे बढ़ाने के निर्देश जारी किए गए थे। इसी क्रम ने डीटीसी ने ज्यादा भीड़भाड़ वाले रूट पर 128 शटल बस सेवा शुरू की है। मेट्रो ने भी 40 फेरे बढ़ा दिए हैं। मेट्रो को आगे और ज्यादा फेरे बढ़ाने के लिए कहा गया है। साथ ही 10 नवंबर तक डीटीसी को 1000 सीएनजी निजी बसों को हायर करने के आदेश दिया गया है।

दिल्ली में डीजल बसों की एंट्री पर रोक, जांच के लिए 18 टीमों का गठन

गोपाल राय ने बताया कि बुधवार से दिल्ली में एनसीआर से आने वाली डीजल बसों की एंट्री बैन है। केवल सीएनजी, इलेक्ट्रिक और बीएस 6 बसों की एंट्री होगी। इसकी मॉनिटरिंग के लिए परिवहन विभाग ने 18 टीमों का गठन किया है, जिसमें प्रत्येक टीम में 6 सदस्य हैं। इसमें से 4 परिवहन विभाग और 2 दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के सदस्य हैं।

[ad_2]

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *