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यूपी पुलिस।
– फोटो : अमर उजाला।
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उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में पांच माह पूर्व सड़क हादसे में आगरा के युवक की मौत हुई थी। परिजन ने लूट के दौरान हत्या करने की बात कही। पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया। लेकिन जांच में आरोपियों के बचने के बाद पीड़ित आईजी आगरा से मिले थे। इसके बाद आईजी ने मौत का पर्दाफाश करने के लिए क्राइम ब्रांच फिरोजाबाद को आदेशित किया। पांच माह बीतने के बाद भी क्राइम ब्रांच मौत का राज पता नहीं कर सकी।
आगरा के शाहगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत नगला तेजा गांव निवासी दीपक कुमार 21 जून को ईको कार से कन्नौज जा रहा था। तभी रास्ते में कुछ लोग सवारी बनकर उसके साथ बैठ गए। उसके बाद उन्होंने लूट करने के उद्देश्य से उसके साथ हाथापाई की। घटना मटसेना थाना क्षेत्र के सिकहरा गांव के समीप लखनऊ एक्सप्रेसवे पर हुई। कार डिवाइडर से टकराने से दीपक की मौत हो गई थी। वहीं कुछ लोग घायल भी हुए थे।
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इसमें मुख्य आरोपी मौके से फरार हो गया था। पुलिस मामले को गोलमाल करते हुए आरोपियों को बचाने का प्रयास कर रही है। मृतक के भाई राहुल ने बताया कि करीब दो माह तक तो थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया था। उसके बाद एसएसपी ने गुहार लगाई गई थी। एसएसपी के आदेश पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था।
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इसके बाद खुद को सवारी बताने वाले आरोपियों ने हर बार अपने बयान बदले। इसकी शिकायत आईजी आगरा से की गई। आईजी ने मामले की जांच क्राइम ब्रांच फिरोजाबाद को सौंपी गई। घटना को पांच माह बीत चुके हैं। उसके बाद भी मौत का राज पता नहीं चल सका है। वहीं थाना पुलिस आरोपियों को बचाने का प्रयास कर रही है।
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