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गजरौला में तिगरी मेले से पहले हवन करते अधिकारी और अन्य
– फोटो : संवाद
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पश्चिमी उत्तर प्रदेश के ऐतिहासिक तिगरी गंगा मेले की बृहस्पतिवार की शाम विधिवत शुरुआत हो गई। हवन-पूजन और गंगा की धारा में दुग्धाभिषेक संग श्रीगणेश हो गया। कमिश्नर आंजनेय कुमार सिंह, डीआईजी मुनिराज जी और जनप्रतिनिधियों ने तिगरी गंगा मेले की शुरुआत की। गंगा तट पर हुए हवन में दोनों अफसरों के साथ ही जनप्रतिनिधियों ने आहुतियां प्रदान कर मेले के सकुशल संपन्न होने की कामना की।
काशी से आए ब्राह्मणों के मंत्रोचारण से गंगा तट गूंज उठा। महाआरती के मौके पर हर-हर गंगे के उद्घोष गुंजायमान होते रहे। बृहस्पतिवार को देवोत्थान एकादशी होने के कारण कार्तिक पूर्णिमा मेले का विधिवत शुभारंभ किया गया। जिसके लिए गंगा किनारे खास इंतजाम किए गए। भव्य वेदी बनाई गई।
शाम को करीब साढ़े चार बजे पहुंचे कमिश्नर आंजनेय कुमार सिंह व डीआईजी ने सबसे पहले गंगा मैया के चित्र पर पुष्प अर्पित कर दीप जलाया। इसके बाद दोनों ने मेले के शुभारंभ के लिए गंगा किनारे हो रहे हवन में आहुतियां प्रदान कीं। पंडित गंगा शरण शर्मा, पंडित दयानंद शर्मा, पंडित खेमराज शर्मा सहित 15 ब्राह्मणों ने विधि विधान से गंगा मेले का पूजन कराया।
गंगा का किनारे मंत्रों के उच्चारण से गूंज उठा। स्थानीय विधायक राजीव तरारा, हसनपुर विधायक महेंद्र सिंह खड़गवंशी, भाजपा जिलाध्यक्ष उदय गिरि गोस्वामी, वीरेंद्र सिंह, एमएलसी डॉ.जयपाल सिंह व्यस्त, एमएलसी डॉ.हरि सिंह ढिल्लो, माटी कला बोर्ड के चेयरमैन ओम प्रकाश गोला, जिला पंचायत अध्यक्ष ललित तंवर मौजूद रहे।
इसके अलावा नौगांवा सादात विधायक समरपाल सिंह, डीएम राजेश कुमार त्यागी, एसपी कुंवर अनुपम सिंह ने हवन में आहुतियां प्रदान कर गंगा मैया से मेले को सकुशल संपन्न कराने की कामना की। हवन के बाद अधिकारी व जनप्रतिनिधि नाव में सवार हुए और गंगा की जलधारा में दुग्धाभिषेक किया।
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