Tunnel Rescue: तकनीक के साथ आस्था का भी सहारा…बाबा बौखनाग की डोली पहुंची सिलक्यारा, सीएम ने भी जोड़े हाथ

[ad_1]

उत्तरकाशी में सुरंग हादसे के बाद गुरुवार को बाबा बौखनाग देवता की डोली सिलक्यारा पहुंची। इस दौरान देवता की डोली सुरंग के निकट स्थापित किए गए बाबा बौखनाग देवता के मंदिर भी पहुंची। 

देवता की डोली ने सुरंग के अंदर फंसे सभी श्रमिकों के सकुशल बाहर निकलने का आशीर्वाद दिया। इधर, गुरुवार को तीसरी बार सिलक्यारा पहुंचे सीएम पुष्कर सिंह धामी ने भी यहां हाथ जोड़कर सफल रेस्क्यू के लिए प्रार्थना की। यहां सुरंग के अंदर फंसे 41 श्रमिकों के रेस्क्यू ऑपरेशन में विज्ञान व तकनीक के साथ आस्था का भी सहारा लिया जा रहा है।

Operation Silkyara: उम्मीद में बीता 12वां दिन…सूरज चढ़ता गया, इंतजार बढ़ता गया, सुरंग पर लगी रहीं निगाहें





गुरुवार दोपहर बाद यहां बाबा बौखनाग देवता की डोली सिलक्यारा सुरंग के बाहर पहुंची। इस दौरान डोली के साथ पहुंचे ग्रामीणों ने जय बाबा बौखनाग के जयकारे लगाए। साथ ही रेस्क्यू ऑपरेशन की सफलता के लिए भी कामना की।


बता दें कि बाबा बौखनाथ सिलक्यारा सहित क्षेत्र की तीन पट्टियों के ईष्ट देव हैं। यह नागराज का मंदिर है। यहां बाबा बौखनाग की ही पूजा-अर्चना की जाती है। बौखनाग देवता को इलाके का रक्षक माना जाता है।


ग्रामीणों का कहना है कि जहां सिलक्यारा सुरंग का निर्माण किया गया है। उसके निकट देवता का मंदिर बनाए जाने की बात कही गई थी, लेकिन बाद में निर्माण में लगी कंपनी ने मंदिर नहीं बनाया। ग्रामीणों का मानना है कि देवता की नाराजगी के कारण ही यह हादसा हुआ है।


[ad_2]

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *