महंगाई: हिमाचल विधानसभा चुनाव के बीच दालों के दाम 200 से 800 रुपये प्रति क्विंटल बढे़

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दालें(सांकेतिक)

दालें(सांकेतिक)
– फोटो : Istock

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हिमाचल प्रदेश में विधानसभा चुनाव के बीच महंगाई लगातार बढ़ी है। पिछले तीन महीने में अरहर, काबुली चना और मसूर के दाम 200 से 800 रुपये प्रति क्विंटल बढ़े हैं। सरसों और रिफाइंड तेल के दाम भी 5 से 13 रुपये लीटर तक बढ़े है। इसका सीधा असर आम जनता के बजट पर पड़ रहा है। सितंबर में 9,600 रुपये क्विंटल अरहर के दाम 10,100 रुपये हो गए हैं। मसूर दाल के दाम 800 रुपये तक बढ़े हैं। काबुली चना के दाम 700 रुपये उछाल के साथ 9,000 रुपये क्विंटल पहुंच गए हैं। इधर, यूक्रेन-रूस युद्ध का असर लगातार बाजार में देखने का मिल रहा है।

तेल के दाम लगातार कम-ज्यादा हो रहे हैं। पिछले तीन महीने में रिफाइंड तेल में 13 रुपये बढ़ोतरी के साथ अब दाम 142 रुपये और सरसों तेल के दाम 4 रुपये प्रति लीटर बढ़ोतरी के साथ अब 180 रुपये लीटर तक पहुंच गए हैं। शिमला गंज बाजार होलसेल एसोसिएशन के सचिव कमलेश गुप्ता ने बताया कि जनवरी-फरवरी में दालों की नई फसल बाजार में आएगी। अगले तीन महीने में अरहर, काबुली चना और मसूर के दाम कम होने की संभावना नहीं है। राजमा, मसूर और अरहर विदेश से पहुंच रही है। उड़द, चना और दाल चना के दाम आने वाले दिनों में कम होंगे। 

देसी मसूर की मांग बढ़ी
बाजार में देसी मसूर की मांग बढ़ी है। विदेश की तुलना में देसी मसूर के दाम 1,000 रुपये प्रति क्विंटल अधिक हैं। विदेश से 8,000 और देसी मसूर 9,000 रुपये प्रति क्विंटल है।

दालों के दाम प्रति किलो
दाल            1 सितंबर         24 नवंबर
अरहर            96-110        101-115
काबुली चना    83-116         90-124
मसूर              78-82            80-90 (प्रति क्विंटल)
तेल सरसों       176             180 (प्रति लीटर)             
तेल (रिफाइंड)   135           142 (प्रति लीटर)
चीनी                41  (प्रतिकिलो) 

इनके दाम बने हैं स्थिर
दाल              1 सितंबर        24 नवंबर
उड़द              92-110        92-110
मूंगी               86-88         92-95
मलका           83-85         83-85
चना               61-63         61-63
दाल चना        60-64         60-64
बासमती        63             63  (प्रतिकिलो)

 

विस्तार

हिमाचल प्रदेश में विधानसभा चुनाव के बीच महंगाई लगातार बढ़ी है। पिछले तीन महीने में अरहर, काबुली चना और मसूर के दाम 200 से 800 रुपये प्रति क्विंटल बढ़े हैं। सरसों और रिफाइंड तेल के दाम भी 5 से 13 रुपये लीटर तक बढ़े है। इसका सीधा असर आम जनता के बजट पर पड़ रहा है। सितंबर में 9,600 रुपये क्विंटल अरहर के दाम 10,100 रुपये हो गए हैं। मसूर दाल के दाम 800 रुपये तक बढ़े हैं। काबुली चना के दाम 700 रुपये उछाल के साथ 9,000 रुपये क्विंटल पहुंच गए हैं। इधर, यूक्रेन-रूस युद्ध का असर लगातार बाजार में देखने का मिल रहा है।

तेल के दाम लगातार कम-ज्यादा हो रहे हैं। पिछले तीन महीने में रिफाइंड तेल में 13 रुपये बढ़ोतरी के साथ अब दाम 142 रुपये और सरसों तेल के दाम 4 रुपये प्रति लीटर बढ़ोतरी के साथ अब 180 रुपये लीटर तक पहुंच गए हैं। शिमला गंज बाजार होलसेल एसोसिएशन के सचिव कमलेश गुप्ता ने बताया कि जनवरी-फरवरी में दालों की नई फसल बाजार में आएगी। अगले तीन महीने में अरहर, काबुली चना और मसूर के दाम कम होने की संभावना नहीं है। राजमा, मसूर और अरहर विदेश से पहुंच रही है। उड़द, चना और दाल चना के दाम आने वाले दिनों में कम होंगे। 

देसी मसूर की मांग बढ़ी

बाजार में देसी मसूर की मांग बढ़ी है। विदेश की तुलना में देसी मसूर के दाम 1,000 रुपये प्रति क्विंटल अधिक हैं। विदेश से 8,000 और देसी मसूर 9,000 रुपये प्रति क्विंटल है।

दालों के दाम प्रति किलो

दाल            1 सितंबर         24 नवंबर

अरहर            96-110        101-115

काबुली चना    83-116         90-124

मसूर              78-82            80-90 (प्रति क्विंटल)

तेल सरसों       176             180 (प्रति लीटर)             

तेल (रिफाइंड)   135           142 (प्रति लीटर)

चीनी                41  (प्रतिकिलो) 


इनके दाम बने हैं स्थिर

दाल              1 सितंबर        24 नवंबर

उड़द              92-110        92-110

मूंगी               86-88         92-95

मलका           83-85         83-85

चना               61-63         61-63

दाल चना        60-64         60-64

बासमती        63             63  (प्रतिकिलो)

 



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