Counterfeit Drugs: ट्रेजल फॉरमुलेशन के नाम पर खोली थी बद्दी में फर्जी कंपनी, बना रहे थे आठ तरह की नकली दवाएं

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नकली दवाएं बनाने में इस्तेमाल मशीनें।

नकली दवाएं बनाने में इस्तेमाल मशीनें।
– फोटो : संवाद

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नकली दवाइयों के जखीरे के साथ गिरफ्तार तीनों आरोपियों ने बद्दी में ट्रेजल फोरमुलेशन नाम से एक फर्जी कंपनी खोली हुई थी। इनके पास उद्योग विभाग से कोई परमिशन नहीं थी। न ही प्रदूषण और बिजली बोर्ड की एनओसी थी। प्लॉट सराह इंटरप्राइजेज के नाम पर है जबकि फैक्टरी में मिले दस्तावेज ट्रेजल फॉरमुलेशन के नाम पर हैं। ड्रग विभाग ने कंपनी में रखी मशीनरी, पैकिंग मैटीरियल और दवाओं को कब्जे में लेने के बाद कंपनी को सीज कर दिया है। रिमांड में चल रहे तीनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है कि उन्होंने नकली दवाएं कहां-कहां बेचीं। ड्रग विभाग को अंदेशा है कि इस नकली दवा कारोबार के मामले में और भी लोग हो सकते हैं। उधर, विभाग ने उद्योग, बिजली और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को पत्र लिखकर बिना किसी मंजूरी के फैक्टरी चलाने के बारे में अवगत करवाया और संबंधित विभाग को भी कार्रवाई करने के लिए कहा।

बद्दी के हनुमान चौक के समीप ट्रेजल फोरमुलेशन नाम से कंपनी खोली गई थी। इसका कहीं कोई रिकॉर्ड नहीं है। कंपनी संचालक मोहित बंसल, विजय कौशल और अतुल गुप्ता ने बिना किसी मंजूरी के कंपनी खोली हुई थी। ड्रग विभाग ने छापे के दौरान यहां से एक दर्जन भारी भरकम मशीनें, पैकिंग मैटीरियल और दवाइयां बरामद की हैं। ड्रग नियंत्रक नवनीत मरवाह ने बताया कि विभाग की कार्रवाई वीरवार को पूरा दिन जारी रही। विभाग ने कंपनी की मशीनरी, रिकॉर्ड, मौके पर मिली दवाइयां कब्जे में ली हैं। यहां पर आठ प्रकार की दवाइयां मिली हैं। विभाग ने तीनों आरोपियों को रिमांड पर लिया हुआ है। इस नकली दवा कारोबार के मामले में और भी लोग हो सकते हैं। विभाग की टीम इस मामले में गहनता से छानबीन कर रही है। 

इन कंपनियों की दवा और पैकिंग मैटीरियल मिला
1. सिप्ला की मोंटेर 10
2 जायडस की आटोरवा 10
3 यूएसवी की रोजूडे 10
4 ईपका की जेरोडोल टीएच
5 मेकलॉयड की बायो डी 3 का पैकिंग मटीरियल
6 सिग्नोवा का पेंटोसिग डीएसआर का पैकिंग मटेरियल
7 मार्टिन हर्रिस का यूरीस्पाज का पैकिंग मटेरियल
8 जायडस का आटोरवा का पैकिंग मैटेरियल

 बद्दी में नकली दवाइयां बनाए जाने के मामले में राज्य दवा नियंत्रक प्राधिकरण ने उत्तर प्रदेश सरकार से आरोपियों का रिकॉर्ड मांगा है। इसको लेकर दो दिन बाद अधिकारियों की एक टीम उत्तर प्रदेश भेजी जा रही है। प्रदेश के दवा नियंत्रक ने उत्तर प्रदेश के ड्रग कंट्रोलर (दवा नियंत्रक) से इस बारे में फोन पर संपर्क किया है। टीम पहुंचने से पहले यूपी के दवा नियंत्रक से रिकॉर्ड तैयार रखने को कहा गया है। नकली दवा मामले में पकड़े गए आरोपी के पास उत्तर प्रदेश होल सेल दवा का लाइसेंस है। अब आरोपियों के दवा कारोबार से जुड़े दस्तावेजों को हिमाचल लाया जाएगा।  

राज्य दवा नियंत्रक प्राधिकरण के अधिकारियों को आशंका है कि नकली दवा का कारोबारी कई राज्यों में फैला हो सकता है। इसमें अन्य लोगों के शामिल होने की भी संभावना जताई जा रही है। ऐसे में प्राधिकरण की ओर से इस मामले की तह तक जाया जा रहा है। वीरवार को भी प्राधिकरण के अधिकारी इस मामले की जांच करते रहे। राज्य दवा नियंत्रक नवनीत मरवाह ने बताया कि बद्दी में तैयार की जा रही दवाओं में यूपी के लोग काम करते थे। अधिकारियों की एक टीम उत्तर प्रदेश जा रही है। वहां के दवा नियंत्रक से इस मामले में बात की गई है। उन्हें बद्दी में तैयार की जा रही नकली दवाओं की विस्तृत जानकारी दी गई है।   

विस्तार

नकली दवाइयों के जखीरे के साथ गिरफ्तार तीनों आरोपियों ने बद्दी में ट्रेजल फोरमुलेशन नाम से एक फर्जी कंपनी खोली हुई थी। इनके पास उद्योग विभाग से कोई परमिशन नहीं थी। न ही प्रदूषण और बिजली बोर्ड की एनओसी थी। प्लॉट सराह इंटरप्राइजेज के नाम पर है जबकि फैक्टरी में मिले दस्तावेज ट्रेजल फॉरमुलेशन के नाम पर हैं। ड्रग विभाग ने कंपनी में रखी मशीनरी, पैकिंग मैटीरियल और दवाओं को कब्जे में लेने के बाद कंपनी को सीज कर दिया है। रिमांड में चल रहे तीनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है कि उन्होंने नकली दवाएं कहां-कहां बेचीं। ड्रग विभाग को अंदेशा है कि इस नकली दवा कारोबार के मामले में और भी लोग हो सकते हैं। उधर, विभाग ने उद्योग, बिजली और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को पत्र लिखकर बिना किसी मंजूरी के फैक्टरी चलाने के बारे में अवगत करवाया और संबंधित विभाग को भी कार्रवाई करने के लिए कहा।

बद्दी के हनुमान चौक के समीप ट्रेजल फोरमुलेशन नाम से कंपनी खोली गई थी। इसका कहीं कोई रिकॉर्ड नहीं है। कंपनी संचालक मोहित बंसल, विजय कौशल और अतुल गुप्ता ने बिना किसी मंजूरी के कंपनी खोली हुई थी। ड्रग विभाग ने छापे के दौरान यहां से एक दर्जन भारी भरकम मशीनें, पैकिंग मैटीरियल और दवाइयां बरामद की हैं। ड्रग नियंत्रक नवनीत मरवाह ने बताया कि विभाग की कार्रवाई वीरवार को पूरा दिन जारी रही। विभाग ने कंपनी की मशीनरी, रिकॉर्ड, मौके पर मिली दवाइयां कब्जे में ली हैं। यहां पर आठ प्रकार की दवाइयां मिली हैं। विभाग ने तीनों आरोपियों को रिमांड पर लिया हुआ है। इस नकली दवा कारोबार के मामले में और भी लोग हो सकते हैं। विभाग की टीम इस मामले में गहनता से छानबीन कर रही है। 

इन कंपनियों की दवा और पैकिंग मैटीरियल मिला

1. सिप्ला की मोंटेर 10

2 जायडस की आटोरवा 10

3 यूएसवी की रोजूडे 10

4 ईपका की जेरोडोल टीएच

5 मेकलॉयड की बायो डी 3 का पैकिंग मटीरियल

6 सिग्नोवा का पेंटोसिग डीएसआर का पैकिंग मटेरियल

7 मार्टिन हर्रिस का यूरीस्पाज का पैकिंग मटेरियल

8 जायडस का आटोरवा का पैकिंग मैटेरियल



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