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हिमाचल प्रदेश पुलिस मुख्यालय
– फोटो : अमर उजाला
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राज्य सरकार पुलिस थानों का पुनर्गठन करने जा रही है। हिमाचल प्रदेश पुलिस मुख्यालय की ओर से इसके लिए आबादी, क्षेत्रफल, अपराध दर, पर्यटकों की संख्या को ध्यान में रखा जा रहा है। पुलिस मुख्यालय का मानना है कि शहरों में लगातार आबादी बढ़ रही है। कई क्षेत्र ऐसे हैं, जहां अपराध दर ज्यादा है। कई थानों और चौकियों में शिकायत दर्ज करवाने के लिए लोगों को काफी दूरी तय करनी पड़ती है।
सरकार का मानना है कि थानों के पुनर्गठन से कानून व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा सकेगा। पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में धड़ाधड़ चौकियां और थाने खोले गए। थानों के पुनर्गठन के तहत अतिरिक्त पुलिस जवानों की तैनाती होगी। वहीं, आवश्यक सुविधाएं प्रदान करवाने के लिए उचित कदम भी उठाए जा सकेंगे। जल्द ही गृह विभाग की ओर से रिपोर्ट सरकार को सौंपी जाएगी। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के निर्देश पर पुलिस मुख्यालय ने इस दिशा में काम शुरू किया है। प्रदेश में ऐसे कई पुलिस स्टेशन हैं, जहां स्वीकृत पदों की संख्या बीते कई सालों से नहीं बढ़ी है।
थानों में तैनात पुलिस कर्मचारियों पर काम का अतिरिक्त बोझ बढ़ रहा है। कुछ शहरों के पुलिस स्टेशनों में आधा स्टाफ तो यातायात व्यवस्था में लगा है। पुनर्गठन होने पर थानों में पदों की संख्या बढ़ेगी। कई थाने मर्ज होंगे तो कुछ चौकियों का दर्जा भी बढ़ सकता है। गृह विभाग का मानना है कि बजट सत्र तक पुलिस थानों और चौकियों के पुनर्गठन की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। थानों और चौकियों की आबादी, दूरी, क्षेत्रफल, अपराध दर का आकलन करने में समय लग रहा है।
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