Varanasi: साजन के सुर और संजू के तबले की थाप से गूंजा तुलसीघाट, ब्रिटेन से आई जेमिनी के कथक ने लूटी महफिल

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Tulsighat echoed with the tune of Saajan and the beats of Sanju's tabla, Kathak of Gemini

तुलसीघाट स्थित स्वरांजलि कार्यक्रम में कथक की प्रस्तुति करते जेमिनी संजू सहाय
– फोटो : संवाद

विस्तार


साजन मिश्र के सुर और बनारस बाज संजू सहाय के तबले की थाप से तुलसीघाट का कोना-कोना झंकृत हो उठा। ध्रुपद तीर्थ तुलसीघाट पर पं. शारदा सहाय मेमोरियल म्यूजिक संस्थान एवं काशी आर्ट्स तथा संकटमोचन फाउंडेशन की ओर से आयोजित स्वरांजलि का दूसरा चरण सोमवार की निशा में पूर्ण हुआ।

पं. साजन मिश्र एवं उनके सुपुत्र स्वरांश मिश्र ने मंच संभाला। युगल गायन से उन्होंने ध्रुपद तीर्थ पर स्वर लय ताल की बयार बहाई। मुक्ताकाशीय मंच पर श्रोता भी उनकी स्वरलहरियों के साथ संगत करते नजर आए। तबले पर अभिषेक मिश्र एवं संवादिनी पर पं. धर्मनाथ मिश्र ने संगत की। सारंगी पर विनायक सहाय और तानपुरा संगति उज्ज्वल साहनी एवं गोपाल साहनी की रही। स्वरांजलि का शुभारंभ मेयर अशोक तिवारी एवं प्रो. राजेश्वर आचार्य ने ए रामचंद्र पंडित के चित्र पर पुष्प अर्पित करने के साथ किया। प्रथम संगीतांजलि लंदन से पधारी कथक कलाकार जेमिनी संजू सहाय के कथक नृत्य की रही। उन्होंने भावपूर्ण प्रस्तुति से श्रोताओं को मुग्ध किया। संवादिनी एवं गायन में पं. धर्मनाथ मिश्र तथा तबले पर पं. संजू सहाय व बोल पढ़ंत पर पं. दीनानाथ मिश्र एवं सितार नीरज अमरनाथ मिश्र ने संगत की। गायन में सहभागी श्रुतिराज वर्मा रहीं। जेमिनी ने पारंपरिक कथक के अंतर्गत उपज, आमद, तोड़ा, ठाट की रसपूर्ण प्रस्तुति से शुरूआत की। द्वितीय प्रस्तुति पं. रविन्द्र गोस्वामी के सितार वादन की रही। तबला संगति कोलकाता के पं. समर साहा की रही। पं. रविन्द्र ने वादन का आरंभ आलाप के साथ राग जोग में विलंबित तीनताल में निबद्ध रचना से किया। तृतीय प्रस्तुति रही लंदन पधारे सुविख्यात कलाकार पं. संजू सहाय के स्वतंत्र तबला वादन की रही। संजू ने वादन का आरंभ उठान के साथ बनारसी ठेका, बाट,परन की कुशल अभिव्यक्ति से किया। इसके साथ ही बनारसी चलन कायदा को लयात्मक आकर्षण के साथ अभिव्यक्त किया। अंत में बनारस घराने की 200 वर्ष प्राचीन रचनाओं को प्रस्तुत कर अपनी श्रद्धा अर्पित की। इस दौरान महंत प्रो. विश्वंभरनाथ मिश्र मौजूद रहे। बद्री नारायण पंडित ने अतिथियों का स्वागत किया।

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