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कोरोना की जांच (सांकेतिक तस्वीर)।
– फोटो : ANI
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कोरोना के नए वेरिएंट जेएन.1 के तीन केस शहर के एक बड़े चिकित्सा संस्थान में मिले हैं। हालांकि, तीनों में इसके हल्के लक्षण ही हैं। फिर भी अब एहतियात बरतने की जरूरत है। स्वास्थ्य विभाग ने एम्स और बीआरडी के बाद अब जिला अस्पताल की इमरजेंसी समेत सभी सीएचसी-पीएचसी पर भी संभावित रोगियों की एंटीजन जांच शुरू करने की तैयारी कर ली है।
सांस व बुखार के रोगियों का आरटी-पीसीआर (रीयल-टाइम पालीमराइज चेन रिएक्शन) जांच के लिए नमूने भी लिए जा रहे हैं। इसके अलावा 18 रैपिड रिस्पांस टीमें (आरआरटी) गठित कर दी गई हैं। निगरानी समितियों को भी सतर्क कर दिया गया है।
कोरोना के नए वैरिएंट के देश भर में बढ़ते मामलों को देखते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने प्रयोगशाला की सुविधा वाले अस्पतालों में जांच के निर्देश दे रखे हैं। शुक्रवार को एम्स में फ्लू की ओपीडी शुरू करने के साथ ही सांस के भर्ती मरीजों की जांच भी शुरू हो गई है। बीआरडी में भी मरीजों की जांच की जा रही है।
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शनिवार तक कुल 26 जांच की गई थी, जिसमें से एक डॉक्टर समेत तीन लोगों की रिपोर्ट संदिग्ध मिली। इसे जीनोम सिक्वेसिंग के लिए केजीएमयू लखनऊ भेजा गया था। अब इनकी रिपोर्ट आने के बाद संपर्क में आए अन्य लोगों की भी जांच कराई जा रही है।
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