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जिला पूर्ति अधिकारी कार्यालय, एटा
– फोटो : अमर उजाला
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एटा में फर्जी शैक्षिक प्रमाणपत्र लगाकर सरकारी उचित दर विक्रेता का अनुबंध अपने नाम करा लिया। जब अंकपत्र की जानकारी सूचना का अधिकार के तहत मांगी गई। तो ऐसी उपलब्धता ही नहीं मिली। इसे लेकर की गई शिकायत पर पूर्ति विभाग की ओर से जांच शुरू कर दी गई है।
मामला विकासखंड निधौली कलां की ग्राम पंचायत बरई का है। जहां कोटा डीलर के रूप में गंगा देवी कार्य करती हैं। इनको लेकर अध्यापक अजय कुमार ने डीएम से शिकायत की है। बताया कि उन्होंने 16 जून 2023 को सूचना का अधिकार के तहत डीएसओ से कोटा डीलर के संबंध में कुछ सूचनाएं मांगी थीं। लेकिन जानकारी न मिलने पर खाद्य उपायुक्त अलीगढ़ मंडल को अपील की। जिस पर जवाब प्राप्त हुआ। इसमें गंगा देवी की शैक्षिक योग्यता कक्षा पांच उत्तीर्ण बताई गई है। प्राथमिक विद्यालय सरावल, ब्लॉक सिढ़पुरा जिला कासगंज की 2009 में जारी प्रमाणित टीसी (स्थानांरण प्रमाणपत्र) प्रस्तुत की गई।
इसके बाद खंड शिक्षाधिकारी सिढ़पुरा से इस टीसी को लेकर सूचना का अधिकार के तहत जवाब मांगा। 4 नवंबर 2023 को भेजी सूचना में उन्होंने इस टीसी को फर्जी और कूटरचित करार दिया। बताया गंगा देवी नाम की किसी छात्रा ने उक्त विद्यालय से शिक्षा ग्रहण नहीं की है। टीसी में जो क्रमांक संख्या 1350 दर्ज है, उस पर विद्यालय के अभिलेखों में सत्य कुमारी नाम की छात्रा का उल्लेख मिला। जिसके लगातार अनुपस्थित रहने पर नाम काट दिया गया था।
डीएसओ पर भी आरोप
शिकायत में कोटा डीलर के साथ ही डीएसओ पर भी आरोप लगाए गए हैं। लिखा गया है कि गंगा देवी के शैक्षिक प्रमाणपत्रों की सही जांच कराए बिना उनको संरक्षण प्रदान किया गया। जिससे जाहिर होता है कि मामले में सांठ-गांठ की गई है। फर्जी टीसी से स्पष्ट है कि गंगा देवी शिक्षित नहीं हैं। जबकि शासनादेश के अनुसार दुकान आवंटन में आवेदक का शिक्षित होना जरूरी है।
जिलाधिकारी द्वारा कराई जा रही जांच
डीएसओ कमलेश कुमार गुप्ता से जब इस मामले में बात की गई तो उन्होंने बताया कि जिलाधिकारी द्वारा इस प्रकरण की जांच कराई जा रही है। टीसी की प्रमाणिकता के लिए कासगंज के बेसिक शिक्षा अधिकारी को पत्र भेजा गया है। जवाब मिलने पर आगे की जांच व कार्रवाई की जाएगी।
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