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पालमपुर में हुई भाजपा कार्यकारिणी की बैठक में अटल बिहारी वाजपेयी, लाल कृष्ण आडवाणी व अन्य।
– फोटो : संवाद
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हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के पालमपुर के लिए 22 जनवरी का दिन ऐतिहासिक होगा। अयोध्या में बन रहे राम मंदिर में पालमपुर का अहम स्थान होगा। भाजपा ने पालमपुर के रोटरी भवन में 34 साल पहले जून 1989 में राम मंदिर निर्माण का प्रस्ताव पारित किया था। यहा विश्व हिंदू परिषद के नेताओं के साथ राष्ट्रीय भाजपा कार्यसमिति की बैठक हुई थी। यह बैठक तीन दिन 9 से 11 जून तक चली थी। बैठक में लाए गए राम मंदिर निर्माण के प्रस्ताव पर दो मिनट के भीतर ही मुहर लग गई थी। बैठक में अटल बिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी, विजयाराजे सिंधिया और शांता कुमार के अलावा पार्टी के कई बड़े नेता मौजूद थे।
विश्व हिंदू परिषद की ओर से अयोध्या में राम मंदिर बनाने के प्रस्ताव को पालमपुर में वरिष्ठ भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी ने कार्यकारिणी की बैठक में रखा था। इस पर अटल बिहारी वाजपेयी ने मुहर लगाई थी। राष्ट्रीय भाजपा कार्यकारिणी की यह पहली बैठक थी। इसका सारा जिम्मा उस समय हिमाचल भाजपा के अध्यक्ष रहे शांता कुमार को सौंपा गया था। इस बैठक में कुछ लोगों को छोड़कर आखिरी समय तक राम मंदिर निर्माण के प्रस्ताव की जानकारी किसी को नहीं थी। यही कारण था कि गांधी ग्राउंड में हुई भाजपा की रैली में थाने तक लोग खड़े नजर आए थे, जो अब तक पालमपुर के इतिहास में कभी नहीं हुआ है। भाजपा के नारे लगाते लोग सड़कों पर उतर आए थे। संवाद >> संबंधित पेज 2 पर
महाभारत देखने शांता के घर पहुंची थीं विजयाराजे सिंधिया
पालमपुर में बैठक में हिस्सा लेने पहुंचीं विजयाराजे सिंधिया शांता कुमार के घर टेलीविजन पर उस समय चले महाभारत सीरियल को देखने पहुंच गई गई थीं। इसकी किसी को भनक तक नहीं लगी थी। शांता कुमार ने कहा कि उस समय अपने घर पर विजयाराजे सिंधिया को अचानक देखकर वह भी हैरान हो गए थे। विजयाराजे महाभारत सीरियल को देखने से कभी नहीं चूकती थीं।
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