cervical cancer: जम्मू-कश्मीर में बढ़ रहे सर्वाइकल कैंसर के मामले, जानें कैसे बचा जा सकता है

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Cervical cancer cases are increasing in Jammu and Kashmir know how it can be avoided.

सर्वाइकल कैंसर से बचाव को लगाए गए टीके
– फोटो : demo

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जम्मू-कश्मीर में जागरूकता के अभाव और साफ-सफाई न रखने के कारण महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर के मामले बढ़ रहे हैं। राज्य कैंसर संस्थान जम्मू में रोजाना की ओपीडी में 35 से 40 कैंसर मरीज आ रहे हैं, जिसमें हर दूसरे दिन करीब एक सर्वाइकल संबंधी मामले मिल रहे हैं। 

ऐसे में सरकार की यूविन प्लेटफार्म के जरिए 9 से 14 साल की बालिकाओं में सर्वाइकल कैंसर से बचाव को निशुल्क टीकाकरण की योजना लाभदायक साबित होगी। डॉक्टरों के अनुसार अलग-अलग चरण में वैसे टीकाकरण 9 से 26 साल की आयु में भी किया जा सकता है।

राज्य कैंसर संस्थान में मेडिकल ऑन्कोलॉजी विभाग के प्रो. डॉ. राजीव गुप्ता ने बताया कि सर्वाइकल कैंसर प्रमुख रूप से यौन संचारित रोग है। लेकिन यह जरूरी भी नहीं है कि इसी वजह से कैंसर की शिकायत हुई है। प्रदेश में खासतौर पर पहाड़ी इलाकों में साक्षरता और जागरूकता के अभाव में युवतियां और महिलाएं गुप्तांग में साफ सफाई नहीं रखती हैं, जिससे सर्वाइकल कैंसर की शिकायत हो सकती है। 

इस बीमारी से बचाव के लिए तीन तरह का टीकाकरण उपलब्ध है, जिसके लगाने से 99 प्रतिशत सुरक्षा का परिणाम मिला है। अगर सरकारी स्तर पर टीकाकरण की सुविधा निशुल्क मुहैया करवाई जाती है तो इसका प्रदेश में हजारों बालिकाओं को चिकित्सा लाभ मिलेगा। भारत में प्रत्येक 100,000 में से 18 महिलाएं सर्वाइकल कैंसर से पीड़ित हैं। हर साल लगभग 123,000 नए मामलों का निदान किया जाता है और 2020 में 77348 रोगियों की मृत्यु हो गई, जो हर घंटे लगभग 8 मौतों के बराबर है। 

पूरी दुनिया में सर्वाइकल कैंसर का 25 प्रतिशत से अधिक बोझ अकेले भारत पर है। भारत में महिलाओं को जीवनकाल में सर्वाइकल कैंसर होने का जोखिम 2.5 प्रतिशत है, जो दुनिया भर के आंकड़ों (1.3 प्रतिशत) की तुलना में दोगुना है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि सर्वाइकल कैंसर ज्यादातर युवा महिलाओं को प्रभावित करता है। गर्भाशय-ग्रीवा कोशिका में ऐसे परिवर्तन होते हैं जो उन्हें आक्रामक गर्भाशय-ग्रीवा कैंसर में बदल देते हैं।

लक्षण : गुप्तांग से असामान्य रक्तस्राव, पेल्विक क्षेत्र में दर्द, महावारी के दौरान अधिक दर्द होना आदि।

बचाव : महिलाएं गुप्तांगों को नियमित रूप से साफ रखें, बीमारी से बचाव के लिए टीकाकरण जरूर करवाएं।

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