[ad_1]

लक्ष्मण का फाइल फोटो
– फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बरेली के हाफिजगंज इलाके में परेवा कुर्मियान निवासी युवक लक्ष्मण का निर्वस्त्र शव बृहस्पतिवार सुबह गांव के बाहर पेड़ से लटका मिला। वह दिल्ली में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था। मौके से सुसाइड नोट मिला, जिसमें लिखा था कि मैं भगवान की शरण में जाना चाहता हूं, मुझे माफ करना। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में हैंगिंग (लटकने) की पुष्टि हुई। लेकिन उसके पिता चंद्रपाल के मुताबिक बेटे ने रात में उन्हें कॉल किया था। वह घबराया हुआ था। कहा था कि पापा मेरे पास सिर्फ पांच मिनट का समय है। उसने अपने भाई-बहनों से भी बात की थी।
चंद्रपाल का पुत्र लक्ष्मण (25) स्नातक के बाद दिल्ली के करोलबाग में रहकर नामी कोचिंग से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था। बुधवार को दिन में चंद्रपाल की कई बार बेटे से बात हुई। उसने घर आने के लिए कहा था। बृहस्पतिवार सुबह परिजन दिल्ली जाने की तैयारी कर रहे थे। तभी उन्हें गांव के बाहर खेत में पेड़ पर बेटे का निर्वस्त्र शव लटके होने की सूचना मिली थी। पिता ने किसी तरह की रंजिश से इनकार किया। उन्होंने कहा कि कोई निर्वस्त्र होकर आत्महत्या क्यों करेगा। उसके पैर भी जमीन से लगे हुए थे।
चंद्रपाल ने बताया कि 30 जनवरी को लक्ष्मण की कॉल आई कि कुछ रुपये डलवा दो, वह घर आना चाहता है। इस पर पिता ने 1,500 रुपये डलवा दिए थे। 31 जनवरी को लक्ष्मण घर आने के लिए रोडवेज की बस में सवार हुआ था। बुधवार शाम को ही बेटे को रिसीव करने के लिए चंद्रपाल, पत्नी चंद्रकली के साथ पीलीभीत हाईवे पर खड़े हो गए थे। फोन पर लक्ष्मण ने बताया कि वह रामपुर आ गया है। इसके बाद उसका फोन बंद हो गया। रात साढ़े आठ बजे तक माता-पिता बेटे के आने का इंतजार करते रहे। वह नहीं आया तो दोनों घर लौट आए।
[ad_2]
Source link