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सांकेतिक तस्वीर
– फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
जेपी डायमंड में काम कर लाभ कमाने का झांसा देकर दो सगे भाइयों सहित चार लोगों ने मलदहिया, पिशाचमोचन निवासी विजय मिश्रा के साथ 34 लाख 25 हजार रुपये की धोखाधड़ी का आरोप है। विजय मिश्रा की तहरीर पर सारनाथ थाने में प्रयागराज के किदवई नगर, जार्ज टाउन निवासी शुभेंद्र शंकर पांडेय, उसकी पत्नी प्रीती पांडेय, भाई सिद्धार्थ शंकर पांडेय और मां के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
विजय मिश्रा ने बताया कि हम अपने दोस्तों के साथ सारनाथ में सिद्धार्थ होटल गए थे। उनकी मुलाकात शुभेंद्र शंकर पांडेय, उनकी पत्नी प्रीती, मां और भाई सिद्धार्थ शंकर पांडेय से हुई। चारों लोगों ने उन्हें कहा कि जेपी डायमंड में काम कर कम समय में अच्छा मुनाफा कमाया जा सकता है। चारों की बातों पर विश्वास कर उन्होंने चार बार में 34 लाख 25 हजार रुपये का निवेश किया। जब मूलधन और मुनाफे के लिए चारों को कॉल करना शुरू किए तो उनका फोन स्विच ऑफ बताने लगा। प्रयागराज स्थित चारों के घर जाने पर पैसा भूल जाने के लिए कहा गया। दोबारा पैसा मांगने पर जान से मारने की धमकी
दी गई। सारनाथ थानाध्यक्ष उदय प्रताप सिंह ने बताया कि जांच शुरू कर दी गई है।
1.15 करोड़ की जालसाजी में केस दर्ज
सिंधौरा। गड़खड़ा चरहुआ गांव निवासी रवि यादव के प्रार्थना पत्र पर कोर्ट के आदेश से सिंधौरा थाने में जालसाजी के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है। रवि यादव ने बताया कि उनके पिता श्यामनरायन यादव मुंबई में व्यवसाय करते थे। 20 साल पहले उनके पिता ने स्कूल खोलने के लिए एक समिति का गठन किया था। सदस्यों को कागजी कार्रवाई के लिए नामित किया।
2004 में जौनपुर के चंदवक थाना के पारापट्टी निवासी नामित सदस्य राजेंद्र प्रसाद की जांच में सामने आया कि उसने कूटचरित दस्तावेज तैयार कर पूरी नियमावली ही बदल दी। समिति में अपने भाई राजेश यादव को कोषाध्यक्ष, बहन मीरा देवी को ऑडिटर और खुद को अध्यक्ष बना लिया है। उस समिति का एक करोड़ 15 लाख रुपये के आय-व्यय का कोई लेखा-जोखा पिछले कई वर्षों से नहीं है। इस संबंध में शिकायत करने पर पुलिस ने सुनवाई नहीं की तो वह कोर्ट की शरण में गए।
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