Uttarakhand: हाईकोर्ट के सरकार को निर्देश, वन रावतों-वन राज जनजाति के उत्थान के लिए निर्देशों पर अमल करें

[ad_1]

Uttarakhand High Court Order to implement instructions for upliftment of Van Rawat's and Vanraj Tribes

उत्तराखंड हाईकोर्ट
– फोटो : अमर उजाला

विस्तार


हाईकोर्ट ने उत्तराखंड के वन रावतों और वन राजि जनजाति समुदाय का अस्तित्व खतरे में होने को लेकर दायर की गई राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की जनहित याचिका पर सुनवाई की। कोर्ट ने राज्य सरकार, केंद्र सरकार व राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण को निर्देश दिए हैं कि दो सप्ताह के भीतर इन जातियों के उत्थान के लिए उत्तराखंड स्टेट लीगल सर्विस अथॉरिटी के निर्देशों पर अमल करें। सुनवाई के दौरान समाज कल्याण विभाग के निदेशक कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से पेश हुए। मुख्य न्यायाधीश ऋतु बाहरी एवं न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई।

आंदोलन स्थगित: उत्तराखंड में 10 फीसदी बढ़ेगा उपनलकर्मियों का मानदेय, जल्द जारी होगा शासनादेश

राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि उत्तराखंड में वन रावत व वन राजि जनजाति का अस्तित्व समाप्त होने के कगार पर है। इस जनजाति की जनसंख्या लगातार घटती जा रही है। इसकी वर्तमान जनसंख्या सिमट कर लगभग 900 रह गई है। इस जनजाति के लोगों के पास बुनियादी सुविधाएं तक नहीं है। इनके स्वास्थ्य, शिक्षा और रहने- खाने के लिए कोई उचित प्रबंध नहीं है।

सरकार इस जनजाति के वजूद को बनाए रखने के लिए कोई ठोस योजना नहीं बना रही है। जनहित याचिका में कोर्ट से प्रार्थना की गई कि सरकार उनके अस्तित्व को बचाए रखने के लिए मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराए। वहीं, सरकार की ओर से कहा गया कि सरकार इन जातियों को बुनियादी सुविधाएं मुहैया करा रही है।

[ad_2]

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *