Himachal Vidhansabha Session: परियोजना से उत्पादित बिजली से किया जाएगा लाडा की देय राशि का भुगतान

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Himachal Vidhansabha Session: Lada dues will be paid from the electricity generated from the project

सदन में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू।
– फोटो : अमर उजाला

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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बताया कि यदि बिजली परियोजना निर्माता की ओर से लाडा की राशि जमा नहीं करवाई जाती है तो देय राशि का भुगतान परियोजना से उत्पादित बिजली के रूप में 12 समान किस्तों में वसूल किया जाएगा। विधायक केवल सिंह पठानिया के सवाल के जवाब में सीएम ने बताया कि प्रदेश में 11,209 मेगावॉट क्षमता की कुल 174 जल विद्युत परियोजनाएं चल रही हैं। किसी भी परियोजना की समयसीमा पूर्ण नहीं हुई है। शानन जल विद्युत परियोजना की लीज की अवधि दो मार्च 2024 को समाप्त होने जा रही है। गत तीन वर्षों में 15 जनवरी 2024 तक निर्मित परियोजनाओं ने लाडा के तहत कुल 30 करोड़ रुपये जमा करवाए हैं। ब्यूरो

जेबीटी के 4109 पद रिक्त, बैचवाइज 1161 पद भरने की प्रक्रिया पूरा : रोहित

शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने बताया कि प्रदेश में वर्तमान में जेबीटी के 4109 पद रिक्त हैं। विभाग द्वारा गत वर्ष से 15 जनवरी 2024 तक 367 जेबीटी के पद भरे गए हैं। विधायक इंद्र सिंह गांधी के सवाल का लिखित जवाब देते हुए जेबीटी के 1161 पदों को बैचवाइज आधार पर भरने के लिए प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई है। उच्च न्यायालय ने 20 नवंबर 2023 को निर्देश दिए हैं कि कांउसलिंग प्रक्रिया को जारी रखा जाए लेकिन कोर्ट की अनुमति के बिना नियुक्ति प्रदान न की जाए। शिक्षा मंत्री ने बताया कि काउंसलिंग प्रक्रिया पूरी होने के बाद राज्य स्तरीय मेरिट सूची तैयार की जा रही है। इसके बाद नियुक्ति आदेश जारी करने के लिए कोर्ट में सिविल विविध याचिका दायर की जाएगी। कोर्ट से अनुमति मिलने के बाद नियुक्ति आदेश जारी किए जाएंगे। 

एक साल में कोई भी मदरसा खोलने की नहीं दी मंजूरी : शांडिल

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. धनीराम शांडिल ने बताया कि गत वर्ष में सरकार ने प्रदेश में कोई भी नये मदरसों को खोलने की स्वीकृति प्रदान नहीं की है। भाजपा विधायक जनकराज के सवाल का लिखित जवाब देते हुए मंत्री ने बताया कि प्रदेश में पंजीकृत मदरसों की कुल संख्या 10 है। पंजीकृत गिरिजाघरों की संख्या शून्य है। उधर, प्रश्नकाल के बाद विधायक जनकराज ने इस मामले को उठाते हुए कहा कि कुछ समय पूर्व ही जिला चंबा में एक मदरसे का पंजीकरण किया गया है। सरकार ने लिखित जवाब में गलत जानकारी दी है। 

 

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