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आग बुझाते कर्मी
– फोटो : अमर उजाला
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कानपुर के महाराजपुर क्षेत्र में गुरुवार को चूल्हे की चिंगारी से लगी आग में 12 से अधिक घर जल गए। आसपास के लोगों ने खुद ही आग बुझाने का प्रयास किया लेकिन इस दौरान दो लोग झुलस गए। झुलसे लोगों इलाज के लिए अस्पताल भेज दिया गया। वहीं, तीन घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। हालांकि तब तक एक दर्जन घरों में रखा गृहस्थी का सामान व नकदी जलकर राख हो गई।
महाराजपुर की ग्राम पंचायत डोमनपुर के मजरा बहादुरखेड़ा गांव निवासी राजू के झोपड़ीनुमा घर में गुरुवार दोपहर खाना बनाया जा रहा था। इसी दौरान चूल्हे से निकली चिंगारी से राजू के घर में आग लग गई। घर के लोगों ने बाहर भाग कर जान बचाई। इसी दौरान लपटों ने आसपास रहने वाले जगदीश निषाद, बाबूराम निषाद, तन्ना उर्फ रामप्रताप निषाद, रामस्वरूप निषाद, शंकर निषाद, रामराज निषाद, विजयपाल निषाद, श्रीराम निषाद के घर को चपेट में लिया।
आसपास के लोगों ने उस पर काबू पाने का प्रयास किया। हालांकि इस दौरान जगदीश और राजू झुलस गए। इस बीच सूचना पर पहुंची दमकल की पांच गाड़ियों ने करीब तब तीन घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग से इन सभी घर में रखा सामान जलकर राख हो गया। ग्रामीणों के मुताबिक लगभग दस लाख का नुकसान आग से हुआ है। करीब तीन घंटे बाद घटनास्थल पहुंचे नर्वल के एसडीएम ऋषभ वर्मा पीड़ित परिवारों को ढांढस बंधाते हुए खाने पीने कि तत्काल व्यवस्था करवाई। साथ ही घर बनाने के लिए चकबंदी अधिकारी को जमीन की जांच करने के लिए निर्देश दिए।
18 अप्रैल को बाबूराम की बेटी की है शादी
बहादुर खेड़ा निवासी बाबूराम के तीन बेटियां है। बाबूराम मजदूरी करके अपने परिवार का पेट पालते है। बताया कि दो बेटियों का विवाह हो चुका है। सबसे छोटी बेटी की शादी 18 अप्रैल को होनी है। बेटी की शादी के लिए खरीद कर रखा एक लाख रुपये कीमत का सामान व बक्से में रखे रुपये भी जल कर राख हो गए। अब बेटी की शादी के लिए सामान खरीदने के पैसे तक नहीं रहें।
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