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मौके पर पुलिस फोर्स तैनात
– फोटो : अमर उजाला
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लखीमपुर खीरी के मितौली क्षेत्र में गला दबाकर पांच साल की बच्ची अंशू की हत्या के मामले में पूछताछ को हिरासत में लिए गए व्यक्ति की मौत हो गई। उसकी मौत के बाद आक्रोश फैल गया। आक्रोशित लोगों ने शनिवार सुबह करीब आठ बजे लखीमपुर-मैगलगंज मार्ग पर कस्ता चौराहे पर शव रखकर जाम लगा दिया। पुलिस की पिटाई से मौत होने का आरोप लगाया। लोगों की भीड़ जुटने पर स्थिति इतना बिगड़ गई कि पीएसी को बुलाना पड़ा। करीब छह घंटे तक सड़क पर जमकर हंगामा किया। अफसरों ने दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया। तब जाकर लोग शांत हुए। इसके बाद जाम खुल सका।
यह है मामला
तीन अप्रैल को पकरिया जलालपुर गांव में लापता पांच साल की बच्ची अंशू की गला दबाकर हत्या की गई थी। लापता होने के 26 घंटे के बाद उसका शव घर से महज 100 दूरी पर बरामद हुआ था। इस मामले में ही पुलिस ने गांव के ही आसाराम को हिरासत में लिया था। रात में आसाराम की मौत हो गई। इससे पुलिस में खलबली मच गई। थानाध्यक्ष का कहना था कि बच्ची की हत्या में शुक्रवार की शाम चार बजे आसाराम को थाने लाया गया। आसाराम का पेट खराब था, उसको सीएचसी ले जाया गया। जहां से डॉक्टरों ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। रात करीब 10 बजे उसकी मौत हो गई।
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