एसीसी सीमेंट प्लांट बंद करने के विरोध में ट्रक ऑपरेटरों का आंदोलन वीरवार को आठवें दिन भी जारी रहा। गुरुवार को ट्रक ऑपरेटरों ने बरमाणा कस्बे में रोष रैली निकाली और करीब दो घंटे प्लांट के सामने धरना-प्रदर्शन किया। बीडीटीएस सदस्यों ने अदाणी को चेतावनी दी कि माल ढुलाई के लिए यदि बाहर से ट्रक लाए तो आंदोलन उग्र होगा। ट्रक ऑपरेटरों को संबोधित करते हुए सीपीआई के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य परवेश चंदेल ने कहा कि एसीसी और अंबुजा सीमेंट फैक्ट्रियों में अचानक ताला लगाना एक सोची समझी चाल है। इसका ट्रक ऑपरेटर एकजुट होकर जवाब देंगे। बीडीटीएस सदस्य राकेश ठाकुर, पूर्व प्रधान लेखराम वर्मा, रमेश ठाकुर, पूर्व महासचिव राजपाल ठाकुर, अमर सिंह चौधरी, सुरेश चौधरी और एक्स सर्विसमैन यूनियन के प्रधान जगन्नाथ सहित अन्य पदाधिकारियों ने कहा कि अदाणी समूह अपने फायदे के लिए ट्रक ऑपरेटरों को उकसाने का प्रयास कर रहा है।
लेकिन वे इस मुद्दे पर एकजुट हैं। वे किसी के बहकावे में नहीं आएंगे। अदाणी समूह बाहर से सीमेंट ढुलाई के लिए ट्रक लाने का प्रयास कर रहा है। यदि इन हरकतों को बंद नहीं किया तो इसके गंभीर परिणाम होंगे और इसकी जिम्मेवारी बीडीटीएस प्रबंधन की नहीं होगी। इसका पूरा उत्तरदायित्व जिला प्रशासन, सरकार और अदाणी समूह का होगा। हिमाचल के प्रवेश द्वार स्वारघाट पर भी निगरानी रखी जा रही है। अगर बाहर से ट्रक लाने की कोशिश की गई तो ट्रक ऑपरेटर उग्र आंदोलन से गुरेज नहीं करेंगे।
बरमाणा में 215 पुलिस जवान तैनात पुलिस प्रशासन ने बरमाणा में सुरक्षा की दृष्टि से पुख्ता प्रबंध किए हैं। पूरे कस्बे में पुलिस के 215 जवान तैनात किए हैं। प्लांट के गेट पर 24 घंटे पुलिस के जवान तैनात हैं। इसके अतिरिक्त सिविल ड्रेस में भी पुलिस के जवान ट्रक ऑपरेटरों की गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं। खुफिया एजेंसियां भी एक-एक अपडेट सरकार और आला अधिकारियों तक पहुंचा रही हैं।
ट्रक ऑपरेटर यूनियन सीमेंट प्लांट शुरू करने पर ही अदाणी समूह से वार्ता करने के लिए तैयार है। बरमाणा और दाड़लाघाट सीमेंट प्लांट की चार ट्रक ऑपरेटर यूनियनों ने वीरवार शाम को बिलासपुर के नम्होल गेस्ट हाउस में संयुक्त बैठक की। इस बैठक में शुक्रवार को मुख्य सचिव के साथ होने वाली बैठक के लिए रणनीति तैयार की गई। सभी यूनियनों के पदाधिकारी मुख्य सचिव से मांग करेंगे कि अदाणी समूह पहले दोनों प्लांट को फिर से शुरू करे और उसके बाद ही वार्ता की जाएगी। बैठक में बीडीटीएस बरमाणा, एडीकेएम दाड़लाघाट, एसटीओ दाड़लाघाट और लेड लूजर दाड़लाघाट यूनियनों के पदाधिकारी शामिल हुए।
बीडीटीएस के कार्यालय सचिव नंदलाल ठाकुर ने बताया कि नम्होल रेस्ट हाउस में चार यूनियनों की संयुक्त बैठक की गई। मुख्य सचिव के साथ शुक्रवार सुबह 11 बजे बीडीटीएस और दोपहर 3:00 बजे दाड़लाघाट की यूनियनों के साथ बैठक होगी। बैठक में बीडीटीएस सदस्य प्रदीप ठाकुर काका, सुरेश चौधरी, गंगा सिंह ठाकुर, राजपाल ठाकुर, विकास भार्गव, कमल किशोर, संतोष कुमार, जय सिंह ठाकुर, अनिल कुमार, कुलदीप ठाकुर, एडीकेएम से अरुण शुक्ला, बालक राम शर्मा, एसटीओ जयदेव कौंडल, आरके बंसल और लेड लूजर यूनियन से रामपाल, हरजिंद्र कुमार शामिल रहे।
बैठक में सबसे पहले अदाणी सीमेंट कंपनी के प्लांट बंद करने के तुगलकी फरमान की निंदा की गई। इसके बाद मुख्य सचिव के साथ होने वाली बैठक की रणनीति तैयार की गई। बैठक में बीडीटीएस सदस्य राकेश ठाकुर रॉकी ने कहा कि अदाणी ग्रुप का दोनों सीमेंट प्लांटों पर अचानक ताला लगाने का निर्णय गलत है। गैर कानूनी ढंग से ताला लगाया गया है, जबकि किसी भी कारखाने को बंद करने से पहले फैक्ट्री एक्ट के तहत पहले मामला प्रदेश सरकार के पास ले जाना पड़ता है। प्रदेश सरकार अनुमति नहीं देती है तो कार्रवाई कानूनी तौर पर गलत मानी जाती है। किसी भी फैक्ट्री को बंद करने से पहले फैक्ट्री एक्ट 1947 के तहत मामले को सरकार के पास ले जाना अनिवार्य है।
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एसीसी सीमेंट प्लांट बंद करने के विरोध में ट्रक ऑपरेटरों का आंदोलन वीरवार को आठवें दिन भी जारी रहा। गुरुवार को ट्रक ऑपरेटरों ने बरमाणा कस्बे में रोष रैली निकाली और करीब दो घंटे प्लांट के सामने धरना-प्रदर्शन किया। बीडीटीएस सदस्यों ने अदाणी को चेतावनी दी कि माल ढुलाई के लिए यदि बाहर से ट्रक लाए तो आंदोलन उग्र होगा। ट्रक ऑपरेटरों को संबोधित करते हुए सीपीआई के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य परवेश चंदेल ने कहा कि एसीसी और अंबुजा सीमेंट फैक्ट्रियों में अचानक ताला लगाना एक सोची समझी चाल है। इसका ट्रक ऑपरेटर एकजुट होकर जवाब देंगे। बीडीटीएस सदस्य राकेश ठाकुर, पूर्व प्रधान लेखराम वर्मा, रमेश ठाकुर, पूर्व महासचिव राजपाल ठाकुर, अमर सिंह चौधरी, सुरेश चौधरी और एक्स सर्विसमैन यूनियन के प्रधान जगन्नाथ सहित अन्य पदाधिकारियों ने कहा कि अदाणी समूह अपने फायदे के लिए ट्रक ऑपरेटरों को उकसाने का प्रयास कर रहा है।
लेकिन वे इस मुद्दे पर एकजुट हैं। वे किसी के बहकावे में नहीं आएंगे। अदाणी समूह बाहर से सीमेंट ढुलाई के लिए ट्रक लाने का प्रयास कर रहा है। यदि इन हरकतों को बंद नहीं किया तो इसके गंभीर परिणाम होंगे और इसकी जिम्मेवारी बीडीटीएस प्रबंधन की नहीं होगी। इसका पूरा उत्तरदायित्व जिला प्रशासन, सरकार और अदाणी समूह का होगा। हिमाचल के प्रवेश द्वार स्वारघाट पर भी निगरानी रखी जा रही है। अगर बाहर से ट्रक लाने की कोशिश की गई तो ट्रक ऑपरेटर उग्र आंदोलन से गुरेज नहीं करेंगे।
बरमाणा में 215 पुलिस जवान तैनात
पुलिस प्रशासन ने बरमाणा में सुरक्षा की दृष्टि से पुख्ता प्रबंध किए हैं। पूरे कस्बे में पुलिस के 215 जवान तैनात किए हैं। प्लांट के गेट पर 24 घंटे पुलिस के जवान तैनात हैं। इसके अतिरिक्त सिविल ड्रेस में भी पुलिस के जवान ट्रक ऑपरेटरों की गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं। खुफिया एजेंसियां भी एक-एक अपडेट सरकार और आला अधिकारियों तक पहुंचा रही हैं।